एक द्रव्यमान रहित धागे की रील गुरुत्व के अधीन गिरती हुई खुलती जाती है। उस (रील) का त्वरण होगा
$g$
$g/2$
$2g/3$
$4g/3$
त्रिज्या $R$ और जड़त्व आघूर्ण $I$ का एक समान मोटाई का पहिया अपने द्रव्यमान केन्द्र के चारों ओर घूर्णन के लिये स्वतन्त्र है (चित्र देखें)। एक द्रव्यमानरहित डोरी इस पहिये के चारों ओर लपेटी गयी है और डोरी के दो छोरों पर द्रव्यमान $m _{1}$ तथा $m _{2}\left( m _{1}> m _{2}\right)$ के दो गुटके लटकाये गये हैं। इस निकाय को विरामावस्था से छोड़ा जाता है। ऐसे में जब द्रव्यमान $m _{1}$ का गुटका नीचे की ओर चलते हुए $h$ दूरी तय कर लें तो पहिये का कोणीये वेग होगा?