एक लम्बी एवं क्षैतिज छड़ पर एक मोती रखा है जो इसकी लम्बाई के अनुदिश फिसल सकता है, प्रारम्भ में यह मोती छड़ के एक सिरे $A$ से $L$ दूरी पर स्थित है। छड़ को एक समान कोणीय त्वरण $a$ से सिरे $A$ के परित: कोणीय गति प्रदान की जाती है। यदि छड़ एवं मोती के बीच घर्षण गुणांक $m$ है एवं गुरुत्व नगण्य है, तब कितने समय पश्चात् मोती फिसलने लगेगा
$\sqrt {\frac{\mu }{\alpha }} $
$\frac{\mu }{{\sqrt \alpha }}$
$\frac{1}{{\sqrt {\mu \alpha } }}$
Infinitesimal
$10$ किग्रा द्रव्यमान के एक पहिये का इसकी अक्ष के परित: जड़त्व आघूर्ण $160$ किग्रा मी$^2$ है। इसकी घूर्णन त्रिज्या ...... $m$ होगी
$ 31.4\,\,N{\rm{ - }}m $ का एक नियत बल आघूर्ण एक कीलकित पहिए पर आरोपित किया जाता है। यदि पहिए का कोणीय त्वरण $ 4\,\pi \,\,rad/se{c^2} $ हो, तो पहिए का जड़त्व आघूर्ण ....... $kg-m^2$ है
कोणीय संवेग है
$M$ द्रव्यमान तथा $r$ त्रिज्या की एक पतली वृत्ताकार वलय नियत कोणीय वेग $ \omega $ से घूम रही है। वलय के व्यास के दोनों सिरों पर दो कण, प्रत्येक $m$ द्रव्यमान का, जोड़ दिये जाते हैं। वलय का कोणीय वेग अब होगा
$ 50 $ ग्राम द्रव्यमान एवं $ 2.5\,cm $ त्रिज्या वाली चकती की, इसके तल के लम्बवत एवं गुरुत्व केन्द्र से गुजरने वाली अक्ष के परित: घूर्णन त्रिज्या ....... $cm$ है