एक तार जो एक छोटे मोती के मध्य में स्थित छिद्र से गुजरता है, को एक चतुर्थांश वृत्त के अनुरूप मोड़ा गया है। तार को भूमि पर ऊर्र्व तल में स्थित किया गया है जैसा चित्र में दर्शाया गया है। मोती को तार के ऊपरी सिरे से छोड़ा जाता है, जिससे यह तार के अनुदिश बिना किसी घर्षण के सरकता है। जब मोती $A$ से $B$ तक सरकता है, तब इसके द्वारा तार पर लगने वाला बल है

224112-q

  • [IIT 2014]
  • A

    हमेशा त्रिज्य दिशा में बहिर्मुखी (radially outwards)

  • B

    हमेशा त्रिज्य अन्तर्मुखी (radially inwards)

  • C

    प्रारम्भ में त्रिज्य दिशा में बहिर्मुखी तत्पश्चात् त्रिज्य दिशा में अन्तर्मुखी

  • D

    प्रारम्भ में त्रिज्य दिशा में अन्तर्मुखी तत्पश्चात् त्रिज्य दिशा में बहिर्मुखी

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द्रव्यमान $0.1$  किग्रा के पिण्ड पर लगाया गया बल दूरी के साथ चित्रानुसार परिवर्तित होता है। यदि इसकी गति $x = 0$ पर विरामावस्था से प्रारंभ होती है, तब $x = 12\,m$ पर पिण्ड का वेग .............. $m/s$ होगा

$125000$ पाउण्ड के एक स्थिर टैंक से $ 25$ पाउण्ड द्रव्यमान का एक छोटा गोला (Shell) $1000$ फीट/सैकण्ड के वेग से दागा जाता है। टैंक निम्न वेग से  .............. $\mathrm{ft/sec}$ पीछे हटेगा

द्रव्यमान $M$ का एक पिण्ड $V$ चाल से चलते हुए $m$ द्रव्यमान के एक स्थिर पिंड से प्रत्यास्थ संघटन करता है। संघटन के वाद द्रव्यमान $M$ तथा $m$ की चाल क्रमशः $V^{\prime}$ तथा $v$ हो जाती है। सभी पिंडों की गति एक रेखीय है, तो

  • [KVPY 2019]

$2\, mm$ त्रिज्या की वर्षा की कोई बूंद $500\, m$ की ऊंचाई से पृथ्वी पर गिरती है। यह अपनी आरंभिक ऊंचाई के आधे हिस्से तक (वायु के श्यान प्रतिरोध के कारण ) घटते त्वरण के साथ गिरती है और अपनी अधिकतम (सीमान्त) चाल प्राप्त कर लेती है, और उसके बाद एकसमान चाल से गति करती है। वर्षा की बूंद पर उसकी यात्रा के पहले व दूसरे अर्ध भागों में गुरुत्वीय बल द्वारा किया गया कार्य कितना होगा ? यदि बूंद की चाल पृथ्वी तक पहुंचने पर $10\, m s ^{-1}$ हो तो संपूर्ण यात्रा में प्रतिरोधी बल द्वारा किया गया कार्य कितना होगा ?

$m$ द्रव्यमान का एक कण ${V_0}$ वेग से $m$द्रव्यमान के ही सरल लोलक से टकराता है तथा इससे चिपक जाता है। लोलक द्वारा प्राप्त अधिकतम ऊँचाई होगी