यदि दो आवेशों के मध्य वायु के स्थान पर $K$ परावैद्युतांक वाला माध्यम भर दिया जाये तो उनके मध्य लगने वाला अधिकतम आकर्षण बल
$k^{-1}$ गुना हो जायेगा
अपरिवर्तित रहेगा
$k$ गुना बढ़ जायेगा
${k}$ गुना हो जायेगा
दो धनात्मक आवेश वाले गोले जिनका द्रव्यमान $m_1$ तथा $m_2$ है, छत पर उभय बिन्दु से एकसमान कुचालक भारहीन डोरी, जिसकी लंबाई $l$ है, से लटके हुए हैं। दोनों गोलों का आवेश क्रमश: $q_1$ तथा $q_2$ है। साम्यावस्था में दोनों गोलों की डोरियाँ ऊर्ध्वाधर से समान कोण $\theta$ बनाती हैं। तब
दो आवेश वायु में एक-दूसरे से $d$ दूरी पर रखे हैं इनके बीच लगने वाला बल $F$ है। यदि इन्हें $2$ परावैद्युतांक वाले द्रव में डुबो दिया जाये (सभी स्थितियाँ समान रहें), तो अब इनके मध्य लगने वाला बल होगा
दो इलेक्ट्रॉन एक दूसरे से $1\,\mathop A\limits^o $ की दूरी पर हैं। इनके बीच कूलॉम बल होगा
चार बिंदु आवेश $q_{ A }=2 \mu C , q_{ B }=-5 \mu C , q_{ C }=2 \mu C$ तथा $q_{ D }=-5 \mu C , 10 cm$ भुजा के किसी वर्ग $ABCD$ के शीर्षों पर अवस्थित हैं। वर्ग के केंद्र पर रखे $1 \mu C$ आवेश पर लगने वाला बल कितना है?
विद्युत आवेश $Q$ को दो भागों में ${Q_1}$ तथा ${Q_2}$ में विभक्त करके परस्पर $R$ दूरी पर रखा गया है। दोनों के मध्य प्रतिकर्षण का बल अधिकतम होगा, जब