एल्यूमीनियम का उपयोग नहीं होता है
सिल्वरी पेन्टस में
बर्तन बनाने के लिए
अपचायक के रूप में
धातुकर्म में ऑक्सीकारक के रूप में
निम्नलिखित में से कौन अकार्बनिक बेंजीन है
एल्यूमीनियम के निष्कर्षण में विद्युत अपघट्य है-
आर्थोबोरिक अम्ल के लिए सही कथन है (हैं) :
$(A)$ यह स्वतः आयनन (ionization) के कारण दुर्बल अम्ल की तरह व्यवहार करता है।
$(B)$ इसके जलीय विलयन में एथिलीन ग्लाइकॉल डालने से अम्लीयता बढ़ती है।
$(C)$ हाइड्रोजन बन्ध के कारण यह त्रिविम (three dimensional) संरचना रखता है।
$(D)$ जल में यह दुर्बल विधुत-अपघट्य (electrolyte) है।
ऐलुमीनियम क्लोराइड अम्लीकृत जलीय विलयन में एक आयन बनाता है जिसकी ज्यामिति होती है :
ठोसकरण पर, कौनसी द्रव क्षेत्र धातु फैलती है