एक प्रकाशीय बेंच में एक $1.5 m$ लंबा पैमाना है जिसका प्रत्येक $cm$ चार बराबर भागों में विभाजित है। एक पतले उत्तल लेंस की फोकस दूरी के मापन के दौरान लेंस तथा वस्तु पिन को पैमाने पर क्रमशः $75 cm$ तथा $45 cm$ के चिन्हों पर रखा जाता है। लेंस के दूसरी तरफ वस्तु पिन का प्रतिबिम्ब $135 cm$ चिन्ह पर रखी प्रतिबिम्ब पिन से मिलता है। इस प्रयोग में लेंस के फोकस दूरी के मापन में प्रतिशत त्रुटि. . . . . है।
$0.69$
$0.75$
$0.80$
$0.85$
एक कण $s$ दूरी $t$ समय में निम्न प्रकार से पूरी करता है $s=u t-\frac{1}{2} g t^2$ कण का प्रारम्भिक वेग $u=1.11 \pm 0.01 \,m / s$ मापा जाता है और प्रयोग में लगा समय अंतराल $t=1.01 \pm 0.1 \,s$ है । यदि त्वरण का मान $g=9.88 {\pm} 0.1 \,m / s ^2$ है, तो इन मापनों के साथ विद्यार्थी कुल दूरी का ........ $m$ मान आकलित (report) करेगा?
सैकण्ड लोलक का माध्य आवर्तकाल $2$ सैकण्ड है तथा आवर्तकाल में माध्य निरपेक्ष त्रुटि $0.05$ सैकण्ड है। अधिकतम संभावित त्रुटि के साथ आवर्तकाल को किस प्रकार लिखा जाना चाहिये
नीचे दो कथन दिये गये है: एक को अभिकथन $A$ तथा दूसरे को कारण $R$ से चिन्हित किया जाता है। अभिकथन $A$ : $(5 \pm 0.1) \mathrm{mm}$ त्रिज्या एवं एक निश्चित घनत्व की एक गोलाकार वस्तु एक नियत घनत्व के द्रव में गिर रही है। इसके सीमान्त वेग की गणना में प्रतिशत त्रुटि $4 \%$ है।
कारण $R$ : द्रव में गिरती हुई गोलाकार वस्तु का सीमान्त वेग इसकी त्रिज्या के व्युत्क्रमानुपाती होता है। उपरोक्त कथनों के संदर्भ में, नीचे दिये गये विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
निम्न प्रेक्षणों को कंशिकीय विधि से पानी का पृष्ठ तनाव $T$ नापने के लिये प्रयोग किया जाता है।
कंशिकीय नली का व्यास, $D=1.25 \times 10^{-2}\, m$
पानी का चढ़ाव, $h=1.45 \times 10^{-2}\, m$
$g=9.80 \,m / s ^{2}$ तथा सरलीकृत सम्बन्ध $T=\frac{ rhg }{2} \times 10^{3} \,N / m$, को उपयोग करते हुए पृष्ठ तनाव में सम्भावित त्रुटि का निकटतम मान ......... $\%$ होगा
ताप तथा वोल्टेज स्रोत में अप्रत्याशी उतार चढ़ाव के कारण मापन में त्रुटियाँ हैं :