ऋण वैद्युत आवेश के चारों ओर बल रेखाएँ होती हैं
वृत्ताकार, वामावर्त
वृत्ताकार, दक्षिणावर्त
त्रैज्यीय, ऊपर की ओर
त्रैज्यीय, बाहर की ओर
यदि एक आवेश $q$ को एक अचालक बंद अर्द्धगोलाकार सतह के केन्द्र पर रखा जाता है तो समतल सतह से गुजरने वाला कुल फ्लक्स होगा
एक आवेश कण स्वतंत्र गति कर सकता है, तो वह गति करेगा
किसी लम्बे बेलनाकार आयतन का आवेश घनत्व $\rho Cm ^{-3}$ है, जो कि पूरे आयतन में एकसमान रूप से फैला हुआ है। बेलनाकार आयतन के अंदर इसकी अक्ष से $x =\frac{2 \varepsilon_0}{\rho}\,m$ दूरी पर विद्युत क्षेत्र का मान $...........Vm ^{-1}$ होगा।
किसी स्थान पर विद्युत क्षेत्र त्रैज्यीय बाहर की ओर है जिसका परिमाण $E = A{\gamma _0}$ है। ${\gamma _0}$ त्रिज्या के गोले के अन्दर आवेश होगा
एक आवेश Q को एक घन के किनारे पर रखा जाता है। इसकी प्रत्येक फलक से निकलने वाला वैधुत फ्लक्स होगा :