किसी फुटबाल को ठोकर मारने पर उसके द्वारा तय किये गये चार तरह के मार्गो को चित्र में दर्शाया गया है। वायु प्रतिरोध को नगण्य मान लिया जाये तो अधिकतम से प्रारंभ करने पर, प्रारम्भिक क्षैतिज वेग घटक के लिये मार्गों का क्रम होगा
$1, 2, 3, 4$
$2, 3, 4, 1$
$3, 4, 1, 2$
$4, 3, 2, 1$
$x - y$ तल ( $x$ क्षैतिज है एवं $y$ ऊपर की ओर उर्ध्व है) में मूल बिंदु से एक प्रक्षेप को $x$-अक्ष से $\alpha$ कोण बनाते हुए प्रक्षेपित किया जाता है। यदि मूल बिंदु से प्रक्षेपक की दूरी, $r=\sqrt{x^2+y^2}$, को $x$ के सापेक्ष अवलेखन किया जाए, तो $\alpha_1$ एवं $\alpha_2$ प्रक्षेपण कोणों के लिए $r ( x )$ दो अलग-अलग वक्र देता है (सलग्न चित्र देखिए) $\mid \alpha_1$ कोण के लिए $r ( x ), x$ के साथ क्रमशः बढ़ता रहता है। जबकि $\alpha_2$ कोण के लिए $r ( x )$ पहले बढ़ते हुए उच्चतम बिंदु पर पहुँचता है, फिर कम होने लगता है और एक न्यूनतम बिंदु पर पहुँचने के उपरान्त फिर से बढ़ने लगता है। इन दोनों व्यवहारों के बीच संक्रमण (switch) एक खास कोण $\alpha_{ c }\left(\alpha_1 < \alpha_{ c } < \alpha_2\right)$ पर होता है $\mid \alpha_{ c }$ का मान क्या है ? [वायु कर्षण को नगण्य मान लीजिए $\mid y(x)=x \tan \alpha-\frac{1}{2} \frac{\sec ^2 a}{v_0^2} x^2$, जहाँ $v_0$ प्रक्षेप की प्रारंभिक चाल है तथा $g$ गुरुत्वीय त्वरण है
यदि एक प्रक्षेप्य का प्रारम्भिक वेग दोगुना कर दिया जावे तथा प्रक्षेपण कोण वही रहे, तो उसकी महत्तम ऊँचाई
एक लडका एक पत्थर को अधिकतम $10$ मी की ऊँचाई तक फेंक सकता है। लड़का उसी पत्थर को जिस अधिकतम क्षैतिंज दूरी तक फेंक सकेगा, वह है ....... मी.
$m$ द्रव्यमान का एक कण क्षैतिज दिशा से $45^{\circ}$ का कोण बनाते हुए $v$ वेग से प्रक्षेपित किया गया है। कण के समतल जमीन पर उतरने पर उसके संवेग में परिवर्तन का परिमाण होगा
$0.5$ किग्रा द्रव्यमान का एक पिण्ड क्षैतिज से $30^o$ के कोण पर $98$ मी/सैकण्ड की चाल से गुरुत्वीय बल के अन्र्तगत फेंका जाता है। पिण्ड के संवेग में परिवर्तन ......... $N-s$ होगा