तीन द्रवों जिनके द्रव्यमान ${m_1},\,{m_2}$ एवं ${m_3}$ हैं, को आपस में मिलाया गया है। यदि इनकी विशिष्ट ऊष्मा क्रमश: ${c_1},\,{c_2}$व ${c_3}$ हों एवं तापक्रम ${T_1},\,{T_2}$ एवं ${T_3}$ हो तो मिश्रण का तापक्रम होगा
$\frac{{{c_1}{T_1} + {c_2}{T_2} + {c_3}{T_3}}}{{{m_1}{c_1} + {m_2}{c_2} + {m_3}{c_3}}}$
$\frac{{{m_1}{c_1}{T_1} + {m_2}{c_2}{T_2} + {m_3}{c_3}{T_3}}}{{{m_1}{c_1} + {m_2}{c_2} + {m_3}{c_3}}}$
$\frac{{{m_1}{c_1}{T_1} + {m_2}{c_2}{T_2} + {m_3}{c_3}{T_3}}}{{{m_1}{T_1} + {m_2}{T_2} + {m_3}{T_3}}}$
$\frac{{{m_1}{T_1} + {m_2}{T_2} + {m_3}{T_3}}}{{{c_1}{T_1} + {c_2}{T_2} + {c_3}{T_3}}}$
एक प्रशीतक (freezer) में बर्फ $-7^{\circ} C$ पर रखा है। इस बर्फ के $100 \,g$ को $15^{\circ} C$ पर स्थित $200 \,g$ पानी में मिलाया जाता है। पानी के हिमकारी तापमान $0^{\circ} C$, बर्फ की विशिष्ट ऊष्मा $2.2 \,J / g ^{\circ} C$, पानी की विशिष्ट ऊष्मा $4.2 \,J / g ^{\circ} C$ तथा बर्फ की गुम्त ऊष्मा $335 \,J / g$ के बराबर लें। मान लीजिये कि वातावरण में ऊष्मा का हास नहीं होता है, तब अंतिम मिश्रण में बर्फ का द्रव्यमान ........... $g$ निम्न में से किसके समीप है ?
$0°C$ पर स्थित $5$ ग्राम बर्फ को $40°C$ ताप पर $20$ ग्राम जल से भरे बीकर में गिरा दिया जाता है। मिश्रण का अन्तिम ताप ........ $^oC$ होगा
एक औधौगिक प्रक्रम में $10\, kg$ जल को प्रति घण्टे $20°C$ से $80°C$ तक गर्म किया जाता है। ऐसा करने के लिए $150°C$ ताप वाली भाप को एक बॉयलर से पानी मे डूबी हुई ताम्र कुण्डलियों में प्रवाहित किया जाता है। भाप कुण्डलियों मे संघनित हो जाती है एवं बॉयलर को $90°C$ जल के रूप में वापस कर दी जाती है प्रति घण्टे कितने $kg$ भाप की आवश्यकता होगी (भाप की विशिष्ट ऊष्मा $= 1 \,cal /gm°C $ एवं वाष्पन की गुप्त ऊष्मा $= 540 cal/gm)$
किसी प्रयोग में किसी ऊष्मक (हीटर) द्वारा एकसमान दर पर ऊष्मा देने पर, एक पात्र में रखे जल का ताप $0^{\circ} C$ से $100^{\circ} C$ तक बढ़ाने के लिये $10$ मिनट का समय लगता है। इसी द्रव को पूर्णतः वाष्प में रूपान्तरित करने में $55$ मिनट और लगते हैं। पात्र की विशिष्ट ऊष्मा को नगण्य तथा जल की विशिष्ट ऊष्मा को $1 \; cal / g ^{\circ} C$ लेते हुए, इस प्रयोग के अनुसार वाष्पन की ऊष्मा का मान होगा :
बर्फ का कोर्ई टुकड़ा ऊँचार्ई $h$ से इस प्रकार गिरता है कि वह पूर्णत: पिघल जाता है । उत्पत्र होने वाली ऊष्मा का केवल एक-चौथार्ई भाग ही बर्फ द्वारा अवशोषित किया जाता है तथ बर्फ की समस्त ऊर्जा इसके गिरते समय ऊप्मा में रूपान्तरित हो जाती है । यदि बफ्फ की गुप्त ऊष्मा $3.4 \times 10^{5} \;J / kg$ तथा $g =10\; N / kg$ है, तो ऊँचाई $h$ का मान.........$k/m$ है