$300 \ nm$ तरंगदैध्र्य का पराबैंगनी प्रकाश जिसकी तीव्रता $1.0\  watt/m^2$  है, एक प्रकाश संवेदी पदार्थ पर आपतित होता है। यदि आपतित फोटॉनों का $1$ प्रतिशत प्रकाश इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करता है तो $1.0 \ cm^2$  क्षेत्रफल से उत्सर्जित प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की संख्या लगभग होगी

  • A

    $9.61 \times {10^{14}}per\;\sec $

  • B

    $4.12 \times {10^{13}}per\;\sec $ 

  • C

    $1.51 \times {10^{12}}per\;\sec $ 

  • D

    $2.13 \times {10^{11}}per\;\sec $ 

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$4400 \,\mathring A$ तरंगदैध्र्य का फोटॉन निर्वात से गुजरता है। फोटॉन के प्रभावी द्रव्यमान तथा संवेग क्रमश: होंगे

$\lambda $ तरंगदैध्र्य के फोटॉन की ऊर्जा होगी

  • [AIPMT 1988]

निम्न में से कौन अविभाज्य है

गतिमान फोटॉन का द्रव्यमान होता है

फोटॉन एवं इलेक्ट्रॉन को समान ऊर्जा $({10^{ - 20}}J)$ दी जाती है। फोटॉन और इलेक्ट्रॉन की संगत तरंगदैध्र्य ${\lambda _{Ph}}$ एवं ${\lambda _{el}}$ हैं तब सही कथन होगा