$6630 \ Å$ तरंगदैध्र्य का एक फोटॉन एक पूर्ण परावर्तक पृष्ठ पर आपतित होता है। फोटॉन के द्वारा प्रदान संवेग होगा
$6.63 × 10^{-27} kg-m/sec$
$2 ×10^{-27} kg-m/sec$
$10^{-27} kg-m/sec$
उपरोक्त में से कोई नहीं
गतिमान फोटॉन का द्रव्यमान होता है
मूल बिन्दु पर एक बिन्दु स्त्रोत $16 \times 10^{-8} \mathrm{Wm}^{-2}$ तीव्रता की ध्वनि तरंगें उत्पन्न करता है। मूल बिन्दु से क्रमशः $2 \mathrm{~m}$ तथा $4 \mathrm{~m}$ की दूरी पर स्थित बिन्दुओं पर उत्पन्न तीव्रताओं कें अन्तर का परिमाण. . . . . . .$\times 10^{-8} \mathrm{Wm}^{-2}$.
धातु का कार्य फलन होता है
प्रकाश विद्युत प्रभाव में इलेक्ट्रॉन एक धातु की सतह से उत्सर्जित होते हैं
प्रकाश वैद्युत प्रभाव क प्रयाग म दहला आवृात्त की $1.5$ गुनी आवृत्ति का एक प्रकाश किसी प्रकाश सुग्राही पदार्थ के तल पर आपतित होता है। अब यदि आवृत्ति को आधा तथा तीव्रता को दो गुना कर दिया जाये तो उत्सर्जित प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की संख्या होगी :