$HClO$ एक दुर्बल अम्ल है, $HClO$ के $0.1\,M$ विलयन में ${H^ + }$ आयनों का सान्द्रण होगा $({K_a} = 5 \times {10^{ - 8}})$
$7.07 \times {10^{ - 5}}\,m$
$5 \times 10^{-9}\,\,m$
$5 \times {10^{ - 7}}\,m$
$7 \times {10^{ - 4}}\,m$
किसी दुर्बल वैद्युत अपघट्य $\left(\mathrm{K}_{\mathrm{eq}}=\right.$ साम्यावस्था स्थिरांक) $\mathrm{A}_2 \mathrm{~B}_3$ जिसकी सान्द्रता ' $\mathrm{c}$ ' है, के सान्द्र विलयन के लिये आयनन की मात्रा " $\alpha$ ' है।
$0.10\, M$ अमोनिया विलयन की $pH$ की गणना कीजिए। इस विलयन के $50\, mL$ को $0.10\, M$ के $HCl$ के $25.0 \,mL$ से अभिक्रिया करवाने पर $pH$ की गणना कीजिए। अमोनिया का वियोजन स्थिरांक $K_{ b }=1.77 \times$ $10^{-5}$ है।
$310 \,K$ पर जल का आयनिक गुणनफल $2.7 \times 10^{-14}$ है। इसी तापक्रम पर उदासीन जल की $pH$ ज्ञात कीजिए।
दुर्बल अम्ल व प्रबल क्षार की उदासीनीकरण ऊष्मा, प्रबल अम्ल व प्रबल क्षार की उदासीनीकरण ऊष्मा से कम होती है क्योंकि
$N{a_2}C{O_3}$ के विलयन की $pH$है