कमरे के ताप पर एक $ 0.1\,N $ अम्लीय विलयन के आयनन की कोटि $0.1 $ है तो $O{H^ - }$ आयनों की सांद्रता होगी
${10^{ - 12}}\,M$
${10^{ - 11}}\,M$
${10^{ - 9}}\,M$
${10^{ - 2}}\,M$
$H _{2} S$ का प्रथम आयनन स्थिरांक $9.1 \times 10^{-8}$ है। इसके $0.1\, M$ विलयन में $HS$ - आयनों की सांद्रता की गणना कीजिए तथा बताइए कि यदि इसमें $0.1\, M\, HCl$ भी उपस्थित हो, तो सांद्रता किस प्रकार प्रभावित होगी, यदि $H _{2} S$ का द्वितीय वियोजन स्थिरांक $1.2 \times 10^{-13}$ हो, तो सल्फाइड $S ^{2-}$ आयनों की दोनों स्थितियों में सांद्रता की गणना कीजिए।
सबसे अधिक ${H^ + }$ आयन निम्न में से किस विलयन में मिलेंगे
एक दुर्बल अम्ल का $p{K_a}$ किस तरह परिभाषित होगा
दुर्बल अम्ल $HA \left( K _{ a }=2.0 \times 10^{-6}\right)$ के $0.01$ मोल को $0.1 M HCl$ के $1.0 L$ में घोला गया है। $HA$ के वियोजन की मात्रा...................$\times 10^{-5}$ है
(निकटतम पूर्णांक में)
[ $HA$ को मिलाने पर आयतन में परिवर्तन को नगण्य मानिए तथा इसकी वियोजन मात्रा $<<1$ ]
दुर्बल अम्ल के लिए असत्य कथन है