आनत कोण $\theta$ के किसी चिकने आनत वेज $ABC$ पर $m$ द्रव्यमान का कोई ब्लॉक चित्रानुसार स्थित है । इस वेज को दार्यी ओर कोई त्वरण $'a'$ दिया जाता है । ब्लॉक को वेज पर स्थिर रखने के लिए $a$ और $\theta$ के बीच संबंध होगा
$a = \frac{g}{{cosec\theta }}$
$a = \frac{g}{{sin\theta }}$
$a=g tan$$\;\theta $
$a=g cos $ $\theta $
चित्रानुसार तीन गुटके $A,\,B$ व $C$ जिनके द्रव्यमान क्रमश: $1, 8$ व $27$ किग्रा हैं, एक अवितान्य डोरी से जुडे़ हैं तथा चिकने तल पर गति कर रहे हैं। यदि ${T_3} = 36N$ है, तो ${T_2}$ ........ $N$ है
एक गुटका $B$ गुटके $A$ के ऊपर रखा है। गुटके $B$ का द्रव्यमान गुटके $A$ के द्रव्यमान से कम है। दोनों गुटकों के बीच घर्षण कार्य करता है, जबकि गुटके $A$ तथा तल के बीच घर्षण नगण्य है। एक क्षैतिज बल F जो समय t के साथ रैखिक रूप से बढ़ता है, गुटके $B$ पर लगाया जाता है। गुटकों $A$ व $B$ में उत्पन्न त्वरण क्रमश: ${a_A}$ एवं ${a_B}$ तथा समय $ t$ के बीच का, दिए गए ग्राफों में से सही ग्राफ है
दो गुटके चित्र में दिखायें गये अनुसार डोरी से लटके हैं। ऊपरी गुटका एक अन्य डोरी से लटका है। ऊपरी डोरी पर बल $F$ लगाकर दोनों गुटकों में ऊपर की ओर $2\,m/{s^2}$ का त्वरण उत्पन किया जाता है। यदि डोरी के दोनों भागों में तनाव $T$ व $T'$ हो तो $T$ व $T'$ ....
दिखाए गये चित्र अनुसार, $m _1=5\,kg$ एवं $m _2=3\,kg$ द्रव्यमानों के दो गुटके एक हल्की रस्सी से बंधें हैं, यह रस्सी एक चिकने आनत-तल के ऊपरी सिरे पर रखी चिकनी एवं हल्की घिरनी के ऊपर से गुजर रही है। निकाय स्थिर अवस्था में है। आनत तल द्वारा $m _1$ द्रव्यमान के गुटके पर लगाया गया बल $.............\,N$ होगा : [माना $\left.g =10\,ms ^{-2}\right]$
द्रव्यमान $m$ का एक ब्लॉक लकड़ी के नततल पर खिसकता है, जो आगे क्षेतिज सतह पर उत्क्रम दिशा में खिसकने लगता है। नततल के सापेक्ष ब्लॉक का त्वरण होता है। दिया है $m =8 \;kg , M =16 \;kg$ चित्र में दिखाये गये सभी तलों को घर्षण रहित मानिये।