एक $M$ द्रव्यमान की वस्तु $V _{0}$ चाल पर एक स्थिर द्रव्यमान $'m'$ से प्रत्यास्थ रूप से टकराती है। टक्कर के बाद दोनों द्रव्यमान $M$ के प्रारम्भिक दिशा से $\theta_{1}$ तथा $\theta_{2}$ कोणों पर गति करते है। अनुपात $M / m$ का अधिकतम मान, जिसके लिए कोण $\theta_{1}$ तथा $\theta_{2}$ बराबर होंगे, होता है।
$4$
$1$
$3$
$2$
प्रक्षेप्य गति में ${m_1}$ व ${m_2}$ द्रव्यमानों के कणों के वेग समय $t = 0$ पर क्रमश: $\overrightarrow {{v_1}} $व $x > {x_1}$ हैं। ये समय ${t_0}$पर टकराते हैं। उनके वेग समय $2{t_0}$पर $\overrightarrow {{v_1}} '$ व $\overrightarrow {{v_2}} '$ हो जाते हैं, जबकि अभी भी वे हवा में गतिमान हैं। तो $|({m_1}\overrightarrow {{v_1}} '\, + {m_2}\overrightarrow {{v_2}} ') - ({m_1}\overrightarrow {{v_1}} \, + {m_2}\overrightarrow {{v_2}} )|$ का मान है
रेखीय संवेग के संरक्षण का सिद्धान्त उसी स्थिति में लागू होता है जब दो टकराने वाले कणों में टक्कर का समय
एक पिण्ड पृथ्वी से $1$ मीटर की ऊँचाई से छोड़ा जाता है, यदि संघट्ट हेतु निष्कृति (प्रत्यावस्थान) गुणांक $0.6$ हो, तो संघट्ट के पश्चात गेंद ....... मीटर ऊँचाई तक उठेगा
$V$ वेग से गतिमान $m$ द्रव्यमान की एक गेंद इसकी ओर $2V$ वेग से गतिमान समान द्रव्यमान की एक अन्य गेंद से प्रत्यक्ष प्रत्यास्थ संघट्ट करती है। $V$ की दिशा को धनात्मक माना जाये तो संघट्ट के पश्चात् दोनों गेंदों के वेग होंगे
किसी घर्पणहीन पृष्ठ पर $V$ चाल से चलता हुआ $M$ द्रव्यमान का एक ब्लॉक उरी द्रव्यमान $M$ के विरामावस्था में स्थित एक अन्य ब्लॉक से टकराता है । टक्कर के पश्चात पहला $\frac{V}{3}$ चाल से अपनी प्रारस्भिक गति की दिशा में $\theta$ कोण पर चलने लगता है तो टक्कर के पश्चात् दूसरे ब्लॉक की चाल होगी