रेखीय संवेग के संरक्षण का सिद्धान्त उसी स्थिति में लागू होता है जब दो टकराने वाले कणों में टक्कर का समय
अत्यन्त कम हो
थोड़ा कम हो
अत्यन्त अधिक हो
विशेष स्थिति पर निर्भर करेगा
दो कण $A$ तथा $B$ स्थिर वेग क्रमश: $\overrightarrow{ v }_{1}$ तथा $\overrightarrow{ v }_{2}$ से गति कर रहे है । प्रारंभिक क्षण में उनके सदिश क्रमश $\overrightarrow{ r }$ तथा $\overrightarrow{ r }_{2}$ हैं तो, $A$ तथा $B$ के संघट्ट होने के लिये शार्त है
$m$ द्रव्यमान का एक पिण्ड वेग $v$ से $2m$द्रव्यमान के स्थिर पिण्ड से प्रत्यक्ष संघट्ट करता है। संघट्ट के पश्चात् पिण्डों की गतिज ऊर्जाओं का अनुपात होगा
अचर वेग $u$ से गतिमान $m$ द्रव्यमान का एक गोला उसी द्रव्यमान के स्थिर गोले से टकराता है। यदि प्रत्यावस्थान गुणांक $e$ हो, तो टक्कर के पश्चात दोनों गोलों के वेगों का अनुपात होगा
द्रव्यमान $m =0.1 \,kg$ का एक पिण्ड $A$ का आरम्भिक वेग $3 \hat{\mathrm{i}}\; \mathrm{ms}^{-1}$ है। यह प्रत्यास्थ तरीके से समान द्रव्यमान के दूसरे पिण्ड $B$ से टकराता है जिसका आरम्भिक वेग $5 \hat{\mathrm{j}}\; \mathrm{ms}^{-1} .$ है। टकराने के बाद, पिण्ड $A \overrightarrow{ v }=4(\hat{ i }+\hat{ j })$ वेग से चल रहा है और पिण्ड $B$ की ऊर्जा $\frac{x}{10} J$ है। $x$ का मान है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं। एक अभिकथन $A$ है और दूसरा कारण $R$।
अभिकथन $A$ : चाल $'u'$ से गतिमान द्रव्यमान $M$ का कोई पिण्ड $P$ विरामावस्था में स्थित $m$ द्रव्यमान के किसी अन्य पिण्ड $'Q'$ से प्रत्यास्थ सम्मुख संघट्ट करता है। यदि $m \ll M$ है, तो पिण्ड $'Q'$ की संघट्ट के पश्चात अधिकतम चाल $'2 u^{\prime}$ होगी।
कारण $R$ : प्रत्यास्थ संघट्ट में संवेग और गतिज ऊर्जा दोनों संरक्षित रहते हैं।
उपरोक्त कथनों के संदर्भ में नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए :