जब एक कण को किसी प्रारम्भिक वेग से प्रक्षेपित किया जाता है, तो यह $50$ मीटर की दूरी तय करता है। उसी तल में जब इसे दोगुने वेग से प्रक्षेपित किया जाये तो इसके द्वारा तय की गई दूरी ......... $m$ होगी
$100 $
$150 $
$200$
$250$
किसी प्रक्षेप्य उड्डयन काल $10$ सैकण्ड तथा क्षैतिज परास $500$ मीटर है। प्रक्षेप्य की अधिकतम ऊँचाई ......... $m$ होगी
दो गेंदें एक ही वेग से परन्तु क्षैतिज से अलग अलग कोणों पर प्रक्षेपित की जाती हैं. उनके परास एक बराबर हैं. यदि एक गेंद का प्रक्षेपण कोण $30^{\circ}$ है तथा गेंद को प्राप्त अधिकतम ऊंचाई का मान $h$ है तो दूसरी गेंद द्वारा प्राप्त अधिक्तम ऊंचाई का मान कितना होगा?
नीचे दिए गए चित्र के अनुसार, किसी सर्कस में एक निष्पादक/प्रदर्शक एक सेब को $45 \,m$ की ऊंचाई पर स्थित एक छल्ले की ओर फेंकता है जिसे ऊपर स्थित किसी दूसरे प्रदर्शक ने पकड़ा हुआ है. फेकनेवाला प्रदर्शक छल्ले की ओर निशाना साधता है और $24 \,m / s$ की चाल से सेब को फेकता है. जिस क्षण फेंकने-वाले के हाथ से सेब निकलता है उसी क्षण दूसरा प्रदर्शक छल्ले को छोड़ देता है. छल्ला सीधे नीचे की ओर गिरता है. भूमी की सतह से ........... $m$ ऊंचाई पर सेब छल्ले से होकर गुजरेगा?
$x - y$ तल ( $x$ क्षैतिज है एवं $y$ ऊपर की ओर उर्ध्व है) में मूल बिंदु से एक प्रक्षेप को $x$-अक्ष से $\alpha$ कोण बनाते हुए प्रक्षेपित किया जाता है। यदि मूल बिंदु से प्रक्षेपक की दूरी, $r=\sqrt{x^2+y^2}$, को $x$ के सापेक्ष अवलेखन किया जाए, तो $\alpha_1$ एवं $\alpha_2$ प्रक्षेपण कोणों के लिए $r ( x )$ दो अलग-अलग वक्र देता है (सलग्न चित्र देखिए) $\mid \alpha_1$ कोण के लिए $r ( x ), x$ के साथ क्रमशः बढ़ता रहता है। जबकि $\alpha_2$ कोण के लिए $r ( x )$ पहले बढ़ते हुए उच्चतम बिंदु पर पहुँचता है, फिर कम होने लगता है और एक न्यूनतम बिंदु पर पहुँचने के उपरान्त फिर से बढ़ने लगता है। इन दोनों व्यवहारों के बीच संक्रमण (switch) एक खास कोण $\alpha_{ c }\left(\alpha_1 < \alpha_{ c } < \alpha_2\right)$ पर होता है $\mid \alpha_{ c }$ का मान क्या है ? [वायु कर्षण को नगण्य मान लीजिए $\mid y(x)=x \tan \alpha-\frac{1}{2} \frac{\sec ^2 a}{v_0^2} x^2$, जहाँ $v_0$ प्रक्षेप की प्रारंभिक चाल है तथा $g$ गुरुत्वीय त्वरण है
किसी प्रक्षेप्य के लिए प्रक्षेपण कोणों $\left(45^{\circ}-\theta\right)$ और $\left(45^{\circ}\right.+ \theta)$ पर, इनके द्वारा तय की गई क्षतिज परास का अनुपात है