एक प्रक्षेप्य को क्षैतिज से $45^{\circ}$ के कोण पर प्रक्षेपित किया गया है, तो प्रक्षेप बिन्दु से देखने से, प्रक्षेप्य के उच्चतम बिन्दु पर उसका उन्नयन कोण होगा
$45^o $
$60^o $
$ta{n^{ - 1}}\left( {\frac{1}{2}} \right)$
$ta{n^{ - 1}}\left( {\frac{{\sqrt 3 }}{2}} \right)$
एक प्रक्षेप्य के लिए, अधिकतम ऊँचाई एवं उड्डयन काल के वर्ग का अनुपात है ($g = 10 ms^{-2}$)
दो वस्तुओं के समान वेग से प्रक्षेपित किया जाता है। यदि एक वस्तु को क्षैतिज से $30^°$ के कोण पर तथा अन्य को क्षैतिज से $60^°$ के कोण पर प्रक्षेपित किया जाता है, तो उनकी अधिकतम ऊँचाईयों का अनुपात होगा
क्षैतिज से $42^{\circ}$ तथा $48^{\circ}$ पर समान प्रारम्भिक वेग से प्रक्षेपित दो प्रक्षेप्यों का परास तथा ऊँचाई क्रमशः $R _{1}, R _{2}$ तथा $H _{1}, H _{2}$ हैं। सत्य विकल्प चुनिये।
गैलीलियो ने अपनी पुस्तक "टू न्यू. साइंसेज़" में कहा है कि "उन उन्नयनों के लिए जिनके मान $45^{\circ}$ से बराबर मात्रा द्वारा अधिक या कम हैं, क्षेतिज परास बराबर होते हैं" । इस कथन को सिद्ध कीजिए ।
एक क्रिकेटर किसी गेंद को अधिकतम $100$ मीटर की क्षैतिज दूरी तक फेंक सकता है। समान प्रयास से वह गेंद को ऊध्र्वाधर ऊपर की ओर फेंकता है। गेंद द्वारा प्राप्त अधिकतम ऊँचाई ......... $m$ है