एक छोटी वस्तु, जो प्रारम्भ में विराम अवस्था में है, प्रकाश की $100 \ ns$ की एक स्पन्द को पूर्णतया अवशोषित करती है। स्पन्द की शक्ति $30 \ mW$ है व प्रकाश की गति $3 \times 10^8 \ ms ^{-1}$ है। वस्तु का अन्तिम संवेग है :
$0.3 \times 10^{-17} \ kg ms ^{-1}$
$1.0 \times 10^{-17} \ kg ms ^{-1}$
$3.0 \times 10^{-17} \ kg ms ^{-1}$
$9.0 \times 10^{-17} \ kg ms ^{-1}$
${10^{12}}MHz$ आवृत्ति के फोटॉन की ऊर्जा होगी
$160$ वॉट के एक अवरक्त (Infrared) स्त्रोत से $50000 \,\mathring A$ तरंगदैर्घ्य की किरणें एक समान रूप से चारो ओर प्रसारित हो रही है। $1.8$ मीटर दूरी पर फोटोन फ़्लक्स ........... $m ^{-2} s ^{-1}$ होगा?
एक महत्वपूर्ण स्पेक्ट्रमी उत्सर्जन रेखा की तरंगदैध्र्य $21 cm$ है। संगत फोटॉन ऊर्जा होगी
$(h = 6.62 \times {10^{ - 34}}Js;\;\;c = 3 \times {10^8}m/s)$
$(a)$ एक निर्वात नली के तापित कैथोड से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की उस चाल का आकलन कीजिए जिससे वे उत्सर्जक की तुलना में $500\, V$ के विभवांतर पर रखे गए एनोड से टकराते हैं। इलेक्ट्रॉनों के लघु प्रारंभिक चालों की उपेक्षा कर दें। इलेक्ट्रॉन का आपेक्षिक आवेश अर्थात $e / m 1.76 \times 10^{11} \,C kg ^{-1}$ है।
$(b)$ संग्राहक विभव $10\, MV$ के लिए इलेक्ट्रॉन की चाल ज्ञात करने के लिए उसी सूत्र का प्रयोग करें, जो $(a)$ में काम में लाया गया है। क्या आप इस सूत्र को गलत पाते हैं? इस सूत्र को किस प्रकार सुधारा जा सकता है?
यदि मुक्त आकाश में प्रकाश का वेग $c$ है, फोटान के लिए निम्नलिखित में सही कथन है:
$A$. फोटान की ऊर्जा $E=h v$ है।
$B$. फोटान का वेग $c$ है।
$C$. फोटान का संवेग $p=\frac{h v}{c}$ है।
$D$. फोटान-इलैक्ट्रान संघट्ट में, दोनों कुल ऊर्जा व कुल संवेग संरक्षित रहते हैं।
$E$. फोटान पर धनात्मक आवेश होता है।
निम्नलिखित विकल्पों से सही उत्तर चुनिए: