एक भारी, खोखली और सीधी नलिका के अक्ष की दिशा में एक $III$ द्रव्यमान का छोटा कण गतिशील है और वह नलिका के दोनों सिरों से प्रत्यास्थी संघट्ट (elastic collision) करता है। नलिका की सतह पर कोई घर्षण नही है और इसका एक सिरा एक समतल सतह से बंद है जबकि दूसरे सिरे पर एक समतल सतह वाला भारी चलायमान पिस्टन है जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। जब पिस्टन बंद सिरे से $L = L _0$ की दूरी पर है तब कण की गति $v = v _0$ है। पिस्टर को अंदर की ओर बहुत कम गति $V \ll \frac{ dL }{ L } v _0$ से चलाते है, जहाँ $dL$ पिस्टन का अतिसूक्ष्म (infinitesimal) विस्थापन है। निम्नलिखित कथनों में से कौनसा/कौनसे सही है( हैं) ?
$(1)$ कण के पिस्टन से टकराने की दर $v/L$ है।
$(2)$ पिस्टन से प्रत्येक संघट्ट के बाद कण की गति $2 V$ से बढ़ जाती है।
$(3)$ जब पिस्टन $L _0$ से $\frac{1}{2} L _0$ तक जाता है तब कण की गतिज ऊर्जा $4$ गुना अधिक हो जाती है।
$(4)$ यदि पिस्टन अंदर की तरफ $dL$ दूरी चलता है तब कण की गति $2 v \frac{ dL }{ L }$ से बढ़ जाती है।
$2,3$
$2,4$
$1,3$
$2,4$
एक वस्तु को धरती से $h$ ऊँचाई से छोड़ा जाता है। जब यह वस्तु पृथ्वी से टकराती है तो प्रत्येक टक्कर में उसकी $50 \%$ गतिज ऊर्जा क्षय होती है । यदि $t \rightarrow \infty$, वस्तु द्वारा तय की गयी कुल दूरी होगी
एक पिण्ड पृथ्वी से $1$ मीटर की ऊँचाई से छोड़ा जाता है, यदि संघट्ट हेतु निष्कृति (प्रत्यावस्थान) गुणांक $0.6$ हो, तो संघट्ट के पश्चात गेंद ....... मीटर ऊँचाई तक उठेगा
अचर वेग $u$ से गतिमान $m$ द्रव्यमान का एक गोला उसी द्रव्यमान के स्थिर गोले से टकराता है। यदि प्रत्यावस्थान गुणांक $e$ हो, तो टक्कर के पश्चात दोनों गोलों के वेगों का अनुपात होगा
दो समान द्रव्यमान ${m_1}$ तथा ${m_2}$ एक ही सरल रेखा के अनुदिश क्रमश: $+3$ मी/सैकण्ड तथा $-5$ मी/सैकण्ड के वेगों से गति करते हुए प्रत्यास्थ संघट्ट करते हैं। संघट्ट के पश्चात् उनके वेग क्रमश: होंगे
एक कमानी-गुटका निकाय (spring-block system) एक घर्षण रहित फर्श (frictionless floor) पर विरामावस्था में है, जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। कमानी स्थिरांक (spring constant) $2.0 \ N m ^{-1}$ है और गुटके का द्रव्यमान (mass) $2.0 \ kg$ है। कमानी के द्रव्यमान की उपेक्षा कीजिये। शुरुआत में कमानी अतानित (unstretched) अवस्था में है। एक दूसरा गुटका, जिसका द्रव्यमान $1.0 \ kg$ है और चाल $2.0 \ m s ^{-1}$ है, पहले गुटके से प्रत्यास्थ संघट्ट (elastic collision) करता है। इस संघट्ट के बाद $2.0 \ kg$ का गुटका दीवार से नहीं टकराता है। जब कमानी संघट्ट के बाद पहली बार अपनी अतानित स्थिति में वापस आती है, तब दोनों गुटकों के बीच की दूरी ......... मीटर होगी।