दो समान द्रव्यमान ${m_1}$ तथा ${m_2}$ एक ही सरल रेखा के अनुदिश क्रमश: $+3$ मी/सैकण्ड तथा $-5$ मी/सैकण्ड के वेगों से गति करते हुए प्रत्यास्थ संघट्ट करते हैं। संघट्ट के पश्चात् उनके वेग क्रमश: होंगे
दोनों के लिये $+ 4\, m/s$
$-3 \,m/s$ और $+5 \,m/s$
$-4 \,m/s$ और $+ 4 \,m/s$
$-5\, m/s$ और $+ 3\, m/s$
एक $m$ द्रव्यमान का गोलक $I_1$ लम्बाई की डोरी से लटका हुआ है। इसे एक वेग दिया जाता है जो कि ऊर्ध्वाधर तल में एक वृत्त पूरा कराने के लिए न्यूनतम् है। अपने उच्चतम् बिन्दु पर यह गोलक दूसरे $m$ द्रव्यमान के गोलक से प्रत्यास्थ संघटट् करता है। दूसरा गोलक $I_2$ लम्बाई की डोरी से लटका हुआ है तथा प्रारंभ में विरामावस्था पर है। दोनों डोरियों द्रव्यमान रहित व अवितान्य हैं यदि संघटट के बाद दूसरे गोलक को ऐसी गति प्राप्त होती हैं जो कि ऊर्ध्वाधर तल में पूर्ण वृत्त पूरा करने के लिए न्यूनतम है, तब $\frac{ I _1}{ I _2}$ का अनुपात है :
$4 \,m / s$ की चाल से गतिमान $2 \,kg$ द्रव्यमान का कोई पिण्ड विराम में स्थित किसी अन्य पिण्ड से प्रत्यास्थ संघट्ट करता है और अपनी आरम्भिक चाल की एक चौथाई चाल से अपनी मूल दिशा में ही गमन करता रहता है। दोनों पिण्डों के संहति केन्द्र की चाल $\frac{ x }{10} \,m / s$ है । तो $x$ का मान $.......$ है।
दो एकसमान गेंदे $A$ तथा $B ,+0.5$ मी/सेकंड तथा $-0.3$ मी/सेकंड से चलती हुई एक दूसरे के साथ (प्रत्यास्थ) संघट्ट करती है। टकराने के बाद $B$ तथा $A$ का वेग होगा:
दो द्रव्यमान ${m_A}$ व ${m_B}$ विपरीत दिशा में ${v_A}$ तथा ${v_B}$ वेग से गतिशील हैं तथा परस्पर प्रत्यास्थ संघट्ट करते हैं। संघट्ट के पश्चात् ${m_A}$ तथा ${m_B}$ क्रमश: ${v_B}$ व ${v_A}$ वेग से गति करने लगते हैं। $ \frac{m_A}{m_B} $ का अनुपात है
$20 \mathrm{~m}$ ऊँचे एक ऊर्ध्वाधर स्तम्भ पर $200 \mathrm{~g}$ द्रव्यमान की एक गेंद विश्राम अवस्था में है। क्षेतिज दिशा में चलती हुई $10 \mathrm{~g}$ द्रव्यमान की गोली गेंद के केन्द्र से टकराती है। संघट्ट के बाद दोनो स्वतंत्र रूप से चलती है। धरातल पर स्तम्भ के पैर (तली) से $30 \mathrm{~m}$ की दूरी पर गेंद एवं $120 \mathrm{~m}$ की दूरी पर गोली टकराती है। गोली के प्रारंभिक वेग का मान होगा। $\left(\mathrm{g}=10 \mathrm{~m} / \mathrm{s}^2\right):$