द्रव्यमान $m _{1}$ तथा लम्बाई $L$ की कोई एकसमान रस्सी किर्सी दृढ टेक से ऊर्ध्वाधर लटकी है। इस रस्री के मुक्त सिरे से द्रव्यमान $m _{2}$ का कोर्ई गुटका जुड़ा है । रस्सी के मुक्त सिरे पर तरंगदैर्ध्य $\lambda_{1}$ का कोई अनुप्रस्थ स्पन्द उत्पत्र किया जाता है। यदि रस्सी के शीर्प तक पहुँचने पर इस स्पन्द की तरंगदैर्ध्य $\lambda_{2}$ हो जाती है, तब अनुपात $\lambda_{2} / \lambda_{1}$ का मान है
$\sqrt {\frac{{{m_1} + {m_2}}}{{{m_2}}}} $
$\;\sqrt {\frac{{{m_2}}}{{{m_1}}}} $
$\;\sqrt {\frac{{{m_1} + {m_2}}}{{{m_1}}}} $
$\;\sqrt {\frac{{{m_1}}}{{{m_2}}}} $
द्रव्यमान $M$ की एक भारी गेंद को एक बार की छत से ट्रव्यमान $m$ की हल्की डोरी $( m < < M )$ से लटकाया गया है। जब कार स्थिरावस्था में है तो डोरी में अनुप्रस्थ तरंगों की गति $60\, ms ^{-1}$ है। जब कार का त्वरण $a$ है, तरंग गति $60.5\, ms ^{-1}$ हों जाती है। $a$ का, सन्निकट मान होगा।
निम्न चित्र में प्रदर्शित स्पन्दन (pulse) $P$ दृढ़ आधार से परावर्तित होती है $A, B, C$ और $D$ में से कौन परावर्तित स्पन्दन को व्यक्त करेगा
$0.72\, m$ लंबे किसी स्टील के तार का द्रव्यमान $5.010^{-5}\, kg$ है । यद् तार पर तनाव $60 \,N$ है, तो तार पर अनुप्रस्थ तरंगों की चाल क्या है ?
दोनों सिरों पर परिबद्ध किसी तानित डोरी पर अनुप्रस्थ विस्थापन को इस प्रकार व्यक्त किया गया है
$y(x, t)=0.06 \sin \left(\frac{2 \pi}{3} x\right) \cos (120 \pi t)$
जिसमें $x$ तथा $y$ को $m$ तथा $t$ को $s$ में लिया गया है । इसमें डोरी की लंबाई $1.5 \,m$ है जिसकी संहति $3.0 10^{-2}\, kg$ है । निम्नलिखित का उत्तर दीजिए :
$(a)$ यह फलन प्रगामी तरंग अथवा अप्रगामी तरंग में से किसे निरूपित करता है ?
$(b)$ इसकी व्याख्या विपरीत दिशाओं में गमन करती दो तरंगों के अध्यारोपण के रूप में करते हुए प्रत्येक तरंग की तरंगदैर्ध्य , आवृत्ति तथा चाल ज्ञात कीजिए
$(c)$ डोरी में तनाव ज्ञात कीजिए
$9 \times 10^{-3} \,kg \,cm ^{-3}$ घनत्व के एक तार को खींचकर $1$ मीटर दूरी पर लगे दो क्लैम्प्स् पर कस दिया जाता है। इस कारण तार में उत्पन्न विकृति (strain) $4.9 \times 10^{-4}$ हैं। इस स्थिति में तार में अनुप्रस्थ कंपन की निम्नतम आवृत्ति के निकटतम पूर्णांक कितना होगा (तार के यंग गुणांक का मान $\left.Y =9 \times 10^{10} \,Nm ^{-2}\right)$