दोनों सिरों पर परिबद्ध किसी तानित डोरी पर अनुप्रस्थ विस्थापन को इस प्रकार व्यक्त किया गया है
$y(x, t)=0.06 \sin \left(\frac{2 \pi}{3} x\right) \cos (120 \pi t)$
जिसमें $x$ तथा $y$ को $m$ तथा $t$ को $s$ में लिया गया है । इसमें डोरी की लंबाई $1.5 \,m$ है जिसकी संहति $3.0 10^{-2}\, kg$ है । निम्नलिखित का उत्तर दीजिए :
$(a)$ यह फलन प्रगामी तरंग अथवा अप्रगामी तरंग में से किसे निरूपित करता है ?
$(b)$ इसकी व्याख्या विपरीत दिशाओं में गमन करती दो तरंगों के अध्यारोपण के रूप में करते हुए प्रत्येक तरंग की तरंगदैर्ध्य , आवृत्ति तथा चाल ज्ञात कीजिए
$(c)$ डोरी में तनाव ज्ञात कीजिए
The general equation representing a stationary wave is given by the displacement function
$y(x, t)=2 a \sin k x \cos \omega t$
This equation is similar to the given equation:
$y(x, t)=0.06 \sin \left(\frac{2}{3} x\right) \cos (120 \pi t)$
Hence, the given function represents a stationary wave.
A wave travelling along the positive $x$ -direction is given as:
$y_{1}=a \sin (\omega t-k x)$
The wave travelling along the negative $x$ -direction is given as:
$y_{2}=a \sin (\omega t+k x)$
The superposition of these two waves yields:
$y=y_{1}+y_{2}=a \sin (\omega t-k x)-a \sin (\omega t+k x)$
$=a \sin (\omega t) \cos (k x)-a \sin (k x) \cos (\omega t)-a \sin (\omega t) \cos (k x)-a \sin (k x) \cos (\omega t)$
$=-2 a \sin (k x) \cos (\omega t)$
$=-2 a \sin \left(\frac{2 \pi}{\lambda} x\right) \cos (2 \pi v t)\dots(i)$
The transverse displacement of the string is given as
$y(x, t)=0.06 \sin \left(\frac{2 \pi}{3} x\right) \cos (120 \pi t)\dots(ii)$
Comparing equations ( $i$ ) and $(ii)$, we have:
$\frac{2 \pi}{\lambda}=\frac{2 \pi}{3}$
Wavelength, $\lambda=3 \,m$
It is given that:
$120 \pi=2 \pi v$
Frequency, $v=60 \,Hz$
Wave speed, $v=v \lambda$
$=60 \times 3=180 \,m / s$
The velocity of a transverse wave travelling in a string is given by the relation:
$v=\sqrt{\frac{T}{\mu}}$
Where,
Velocity of the transverse wave, $v=180 \,m / s$
Mass of the string, $m=3.0 \times 10^{-2} \,kg$
Length of the string, $l=1.5 \,m$
Mass per unit length of the string, $\mu=\frac{m}{l}$
$=\frac{3.0}{1.5} \times 10^{-2}$
$=2 \times 10^{-2}\, kg\, m ^{-1}$
Tension in the string $=T$
$T=v^{2} \mu$
$=(180)^{2} \times 2 \times 10^{-2}$
$=648\, N$
$8.0 \times 10^{-3} \,kg m ^{-1}$ रैखिक द्रव्यमान घनत्व की किसी लंबी डोरी का एक सिरा $256\, Hz$ आवृत्ति के विध्यूत चालित स्वरित्र द्विभुज से जुड़ा है । डोरी का दूसरा सिरा किसी स्थिर घिरनी के ऊपर गुजरता हुआ किसी तुला के पलड़े से बँधा है जिस पर $90\, kg$ के बाट लटके हैं। घिरनी वाला सिरा सारी आवक कर्जा को अवशोषित कर लेता है जिसके कारण इस सिरे से परावर्तित तरंगों का आयाम नगण्य होता है । $t=0$ पर डोरी के बाएँ सिरे ( द्विभुज वाले सिरे) $x=0$ पर अनुप्रस्थ विस्थापन शून्य है ( $y=0$ ) तथा वह $y$ की धनात्मक दिशा के अनुदिश गतिशील है । तरंग का आयाम $5.0 \,cm$ है । डोरी पर इस तरंग का वर्णन करने वाले अनुप्रस्थ विस्थापन $y$ को $x$ तथा $t$ के फलन के रूप में लिखिए
एक एकसमान पतली रस्सी जिसकी लम्बाई $12\, m$ और द्रव्यमान $6\, kg$ है ऊर्ध्वाधर लटकी हुई है और इसके निचले सिरे पर $2\, kg$ द्रव्यमान का एक खण्ड लटका हुआ है। इसके निचले सिरे पर $6\, cm$ तरंगदैर्ध्य की एक अनुप्रस्थ तरंगावलि (wavetrain) बनायी जाती है। जब यह रस्सी के ऊपरी छोर पर पहुँचेगी तो इस तरंगावलि का तरंगदैर्ध्य $( cm$ में) होगा।
दोंनो सिरों पर परिबद्ध क्षैतिज तनित डोरी पाँचवी गुणवृत्ति समीकरण, $y(x, t)=(0.01 m ) \sin \left[\left(62.8 m ^{-1}\right) x \right] \cos \left[\left(628 s ^{-1}\right) t \right]$ द्वारा कम्पित हो रही है। यदि $\pi=3.14$ मान जाये तब निम्न प्रकथन सही है हैं -
$(A)$ निस्पंदो की संख्या $5$ है।
$(B)$ डोरी की लम्बाई $0.25 \ m$ है।
$(C)$ साम्यावस्था से डोरी के मध्य बिन्दु का अधिकतम विस्थापन $0.01 \ m$ है।
$(D)$ मूल आवृत्ति $100 \ Hz$ है।
दो स्पंदन (pulses) एक तनी हुयी डोरी में एक दूसरे की ओर $2.5cm/s$ की चाल से चलते हैं प्रारम्भ में इनके मध्य की दूरी $10cm$ है। दो सैकण्ड पश्चात् डोरी की अवस्था क्या होगी
$5 \,g / m$ रेखीय घनत्व वाली तनी हुई डोरी में प्रगामी तरंग का समीकरण निम्न है :
$y =0.03 \sin (450 t -9 x )$ जहाँ दूरी और समय $SI$ मात्रकों में हैं। डोरी में तनाव $.......\,N$ है।