विस्फोट होने से एक शिला तीन टुकड़ों में फट जाती है। इनमें से दो टुकड़े परस्पर लम्बव्त दिशाओं में जाते हैं। ये दोनों हैं, $12$ मी/से वेग से चलता हुआ $1$ किग्रा का पहला टुकड़ा तथा $8$ मी/से वेग से चलता हुआ $2$ किग्रा. का दूसरा टुकड़ा। यदि तीसरा टुकड़ा $4$ मी./से. वेग से चला हो, तो उसका द्रव्यमान.........$kg$ होगा
$7 $
$17 $
$3$
$5$
क्षैतिज दिशा से $\theta $ कोण पर बन्दूक से एक गोली $v $ मी/सैकण्ड के वेग से दागी जाती है। जब गोली अपनी अधिकतम ऊँचाई पर होती है, तब विस्फोट होने से दो बराबर भागों में बँट जाती है। उनमें से एक भाग वापस विपरीत दिशा में बन्दूक के पास पहुँचता है। दूसरे भाग का विस्फोट के तुरन्त पश्चात् वेग होगा (मी/सै में)
$100\,gm$ द्रव्यमान का कोई कण $5\,m/s$ व की चाल से किसी दीवार से चित्र में दर्शाये गए कोण पर टकराता है, तथा उसी चाल से वापस लौट आता है। यदि संपर्क समय $2 \times {10^{ - 3}}\,\sec $ हो, तो कण द्वारा दीवार पर लगाए गए बल का मान है
$1 \,kg$ द्रव्यमान का एक स्थिर पिण्ड विस्फोटित होकर तीन भागों में टूट जाता है, जिनके द्रव्यमानों का अनुपात $1 : 1 : 3$ है। बराबर द्रव्यमान के भाग परस्पर लम्बवत् दिशा में $30 \,m/s$ के वेग से गति करते हैं, तो सबसे भारी भाग का वेग ............... होगा
वेग $(\sqrt{3} \hat{ i }+\hat{ j }) ms ^{-1}$ से गतिशील द्रव्यमान $m _{1}$ का एक कण
$A$ विश्राम अवस्था में द्रव्यमान $m _{2}$ के एक कण $B$ से संघट्ट करता है। संघट्ट के पश्चात कणों $A$ एवं $B$ के वेग क्रमशः $\overrightarrow{ V }_{1}$ एवं $\overrightarrow{ V }_{2}$ है। यदि $m _{1}=2 m _{2}$ एवं संघट्ट के पश्चात $\overrightarrow{ V }_{1}=(\hat{ i }+\sqrt{3} \hat{ j }) ms ^{-1}$ तब $\overrightarrow{ V }_{1}$ एवं $\overrightarrow{ V }_{2}$ के बीच कोण $......^o$ है।
$4$ ग्राम तथा $25$ ग्राम की दो वस्तुओं की गतिज ऊर्जाएँ समान है। उनके रेखीय संवेगों का अनुपात है : $\quad$