दो बिन्दु आवेशों $Q$ व $ - Q$ जो $d$ दूरी पर हैं, के बीच लगने वाले आकर्षण बल का मान ${F_e}$ है। जब इन आवेशों को दो एकसमान गोलों पर जिसकी त्रिज्या $R = 0.3\,d$, एवं जिनके केन्द्र के बीच की दूरी $d$ मीटर है, रख दिया जाता है, तो उनके बीच कार्य करने वाले आकर्षण बल का मान है

  • [AIIMS 1995]
  • A

    ${F_e}$ से अधिक

  • B

    ${F_e}$ के बराबर

  • C

    ${F_e}$ से कम

  • D

    इनमे से कोई नहीं

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${E_{ckgj}} = \frac{{kQ}}{{{r^2}}}$आवेशों $4Q$, $q$ तथा $Q$ को  $x$-अक्ष के अनुदिश क्रमश:  $x = 0$,  तथा $x = l$ पर रखा जाता है। $q$ का वह मान, ताकि आवेश $Q$ पर लगने वाला बल शून्य हो, होगा

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$(ii)$ दो प्रोटनों के लिए। $(b)$ इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन में पारस्परिक आकर्षण के वैध्युत बल के कारण इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन के त्वरण आकलित कीजिए जबकि इनके बीच की दूरी $1 \dot{ A }\left(=10^{-10} \,m \right)$ है। $\left(m_{p}=1.67 \times 10^{-27} \,K , m_{e}=9.11 \times 10^{-31} \,kg \right)$

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