चार चिकनी स्टील की समान द्रव्यमान की गेंदें विरामावस्था में हैं तथा घर्षण रहित एक सीधी रेखा के अनुदिश गति करने हेतु स्वतंत्र हैं। प्रथम गेंद को $0.4$ मी/सै वेग दिया जाता है, तो यह दूसरी गेंद के साथ प्रत्यक्ष प्रत्यास्थ संघट्ट करती है, ठीक इसी प्रकार दूसरी गेंद तीसरी गेंद से टकराती है, तथा तीसरी गेंद चौथी गेंद से टकराती है। अंतिम गेंद का वेग .......... मी/सैकण्ड होगा
$0.4$
$0.2$
$0.1$
$0.05$
$M$ द्रव्यमान की एक बड़ी गेंद जो कि $u$ वेग से गतिमान है, विराम में स्थित $m$ द्रव्यमान की एक अन्य छोटी गेंद से टकराती है। अन्त में छोटी गेंद का वेग $u$ तथा बड़ी गेंद का वेग $v$ हो जाता है। तो $v $ का मान है
एक पूर्ण प्रत्यास्थ टक्कर में प्रत्यावस्थान गुणांक (Coeficient of restitution) $e$ का मान होता है
द्रव्यमान $M =5.99\, kg$ का कोई लकड़ी का बहत् गुटका दो लम्बी द्रव्यमानहीन डोरियों से लटका है। द्रव्यमान, $m =10\, g$ की कोई गोली इस गुटके में दागी गयी है जो इस में अन्तः स्थापित हो जाती है। फिर (गुटका $+$ गोली) उपर की ओर झूलता है तथा चाप के सिरे पर गुटका $+$ गोली) लोलक के कुछ क्षण के लिए विराम में आने से पूर्व, इसका संहति केन्द्र ऊर्ध्वाधर दूरी, $h =9.8\, cm$ तक ऊपर उठता है। संघट्ट से पूर्व गोली की चाल $.....$ है।
$\left( g =9.8 ms ^{-2}\right.$ लीजिए) ($m/s$ में)
कथन$-1 :$ एक ही दिशा में गतिशील दो कण एक पुर्णतया अप्रत्यास्थ संघट्ट में अपनी सम्पूर्ण उर्जा का ह्यस नहीं करते हैं।
कथन-$ 2 :$ सभी प्रकार के संघट्टों के लिए संवेग के संरक्षण का नियम वैद्य है।
$5$ मीटर की ऊँचाई से एक रबर की गेंद को एक ग्रह की सतह पर गिराया जाता है, जहाँ गुरुत्वीय त्वरण ज्ञात नहीं है। उछलने के पश्चात् यह $1.8$ मीटर तक ऊपर जाती है। उछलने पर गेंद किस गुणांक से अपना वेग खो देती है