${\rm{S}}\,{\rm{I}}$ पद्धति में हेनरी मात्रक है
स्वप्रेरकत्व का
अन्योन्य प्रेरकत्व का
(a) व (b) दोनों का
उपरोक्त में से कोई नहीं
किसी ट्रांसफॉर्मर की प्राथमिक तथा द्वितीयक कुण्डली में अन्योन्य प्रेरकत्व $0.2$ हेनरी है। जब प्राथमिक कुण्डली में धारा $5$ ऐम्पियर/सैकण्ड की दर से बदलती है, तो द्वितीयक कुण्डली में उत्पé वि. वा. बल ......वोल्ट होगा
प्राथमिक और द्वितीयक परिपथों में अन्योन्य प्रेरकत्व का मान $0.5 \,H$ है। प्राथमिक और द्वितीयक परिपथों के प्रतिरोध क्रमश: $20 \,\Omega$ और $5 \,\Omega$ हैं। द्वितीयक परिपथ में $0.4$ ऐम्पियर की धारा उत्पé करने के लिये यह आवश्यक है कि प्राथमिक परिपथ में निम्न दर से धारा परिवर्तित की जाये......... ऐम्पियर/सैकण्ड
एक छोटी परिनालिका (जिसकी लम्बाई $\ell$ तथा त्रिज्या $r$ है और प्रति लम्बाई $n$ फेरें हैं), जो कि समअक्षीय बहुत लम्बी परिनालिका (जिसकी प्रति लम्बाई में $N$ फेरें है और लम्बाई $L$ एवं त्रिज्या $R$, जहाँ $R > r$ हैं) के अंदर इसके अक्ष पर रखी जाती है। छोटी परिनालिका में धारा । प्रवाहित होती है। सही तथ्य का चुनाव कीजिए।
दो कुंडलियों का पारस्परिक प्रेरकत्व $0.002 \mathrm{H}$ है। प्रथम कुंडली में धारा $\mathrm{i}=\mathrm{i}_0 \sin \omega \mathrm{t}$ संबन्ध द्वारा परिवर्तित होती है, जहाँ $\mathrm{i}_0=5 \mathrm{~A}$ तथा $\omega=50 \pi \mathrm{rad} / \mathrm{s}$ है। द्वितीय कुंडली में वि.वा. बल का अधिकतम मान $\frac{\pi}{\alpha} \mathrm{V}$ है। $\alpha$ का मान __है।
अन्योन्य प्रेरण गुणांक का मान क्या होगा यदि चुम्बकीय फ्लक्स $2 \times {10^{ - 2}}\,Wb$ से परिवर्तित हो जाये एवं धारा में परिवर्तन $0.01\,A$ .....हेनरी हो