दो पिण्डों के प्रत्यास्थ संघट्ट में निम्नलिखित राशि संरक्षित रहती है
प्रत्येक कण का संवेग
प्रत्येक कण की चाल
प्रत्येक कण की गतिज ऊर्जा
दोनों कणों की सम्पूर्ण गतिज ऊर्जा
अप्रत्यास्थ संघट्ट में कौनसी राशि संरक्षित नही रहती है
द्रव्यमान ' $m$ ' का एक कण चाल ' $2 v$' से जाते हुये एक द्रव्यमान ' $2 m$ ' के कण जो इसी दिशा में चाल ' $v$ ' से जा रहा है, से संघट्ट करता है। संघट्ट के बाद पहला कण स्थिर अवस्था में आ जाता है तथा दूसरा कण एक ही द्रव्यमान ' $m$ ' के दो कणों में विभाजित हो जाता है। ये दोनों कण आरम्भिक दिशा से $45^{\circ}$ के कोण पर जाते है। प्रत्येक चलायमान कण की गति का मान होगा।
$20 \mathrm{~m}$ ऊँचे एक ऊर्ध्वाधर स्तम्भ पर $200 \mathrm{~g}$ द्रव्यमान की एक गेंद विश्राम अवस्था में है। क्षेतिज दिशा में चलती हुई $10 \mathrm{~g}$ द्रव्यमान की गोली गेंद के केन्द्र से टकराती है। संघट्ट के बाद दोनो स्वतंत्र रूप से चलती है। धरातल पर स्तम्भ के पैर (तली) से $30 \mathrm{~m}$ की दूरी पर गेंद एवं $120 \mathrm{~m}$ की दूरी पर गोली टकराती है। गोली के प्रारंभिक वेग का मान होगा। $\left(\mathrm{g}=10 \mathrm{~m} / \mathrm{s}^2\right):$
$6$ मी/सै की क्षैतिज चाल से गतिमान एक $m$ द्रव्यमान का कण, उसी दिशा में $4$ मीटर/सै की चाल से चल रहे $M$ द्रव्यमान के एक भारी कण से संघट्ट करता है। यदि $m < < M$ हो, तो संघट्ट के पश्चात् हल्के कण की चाल होगी, जबकि संघट्ट एकविमीय प्रत्यास्थ है
$V$ वेग से गतिमान $m$ द्रव्यमान की एक गेंद इसकी ओर $2V$ वेग से गतिमान समान द्रव्यमान की एक अन्य गेंद से प्रत्यक्ष प्रत्यास्थ संघट्ट करती है। $V$ की दिशा को धनात्मक माना जाये तो संघट्ट के पश्चात् दोनों गेंदों के वेग होंगे