वस्तुओं के प्रत्यास्थ संघट्ट में
केवल संवेग नियत रहता है
केवल गतिज ऊर्जा नियत रहती है
दोनों नियत रहते हैं
इनमें से कोई नही
अचर वेग $u$ से गतिमान $m$ द्रव्यमान का एक गोला उसी द्रव्यमान के स्थिर गोले से टकराता है। यदि प्रत्यावस्थान गुणांक $e$ हो, तो टक्कर के पश्चात दोनों गोलों के वेगों का अनुपात होगा
दो एकसमान गेंदे $A$ तथा $B ,+0.5$ मी/सेकंड तथा $-0.3$ मी/सेकंड से चलती हुई एक दूसरे के साथ (प्रत्यास्थ) संघट्ट करती है। टकराने के बाद $B$ तथा $A$ का वेग होगा:
$1 \,kg$ से अधिक द्रव्यमान की स्टील की एक गेंद 2$m\,{\sec ^{ - 1}}$ के वेग से एक छोटी $0.1$ ग्राम से कम द्रव्यमान की पिंगपोंग गेंद से प्रत्यक्षत: टकराती है तथा टक्कर प्रत्यास्थ है। टक्कर के पश्चात् पिंगपोंग गेंद लगभग ....... $m\,{\sec ^{ - 1}}$ चाल से गति करती है
एक एकरेखीय संघट्ट में, आरम्भिक चाल $v_{0}$ का एक कण समान द्रव्यमान के एक दूसरे रूके हुए कण से टकराता है। यदि कुल अंतिम गतिज ऊर्जा, आरम्भिक गतिज ऊर्जा से $50 \%$ ज्यादा हो तो टक्कर के बाद दोनों कणों के सापेक्ष गति का परिणाम होगा