$1 \,kg$ से अधिक द्रव्यमान की स्टील की एक गेंद 2$m\,{\sec ^{ - 1}}$ के वेग से एक छोटी $0.1$ ग्राम से कम द्रव्यमान की पिंगपोंग गेंद से प्रत्यक्षत: टकराती है तथा  टक्कर प्रत्यास्थ है।  टक्कर के पश्चात् पिंगपोंग गेंद लगभग ....... $m\,{\sec ^{ - 1}}$ चाल से गति करती है

  • A

    $2$

  • B

    $4$

  • C

    $2 \times {10^4}$

  • D

    $2 \times {10^3}$

Similar Questions

गेंद को पृथ्वी से $h$ ऊँचाई से छोड़ा जाता है यदि निष्कृति गुणांक $e$ हो, तो दूसरी संघट्ट के पश्चात् गेंद पृथ्वी से किस ऊँचाई तक होगी

दो एकसमान गेंदे $A$ तथा $B ,+0.5$ मी/सेकंड तथा $-0.3$ मी/सेकंड से चलती हुई एक दूसरे के साथ (प्रत्यास्थ) संघट्ट करती है। टकराने के बाद $B$ तथा $A$ का वेग होगा:

  • [NEET 2016]

एक भारी, खोखली और सीधी नलिका के अक्ष की दिशा में एक $III$ द्रव्यमान का छोटा कण गतिशील है और वह नलिका के दोनों सिरों से प्रत्यास्थी संघट्ट (elastic collision) करता है। नलिका की सतह पर कोई घर्षण नही है और इसका एक सिरा एक समतल सतह से बंद है जबकि दूसरे सिरे पर एक समतल सतह वाला भारी चलायमान पिस्टन है जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। जब पिस्टन बंद सिरे से $L = L _0$ की दूरी पर है तब कण की गति $v = v _0$ है। पिस्टर को अंदर की ओर बहुत कम गति $V \ll \frac{ dL }{ L } v _0$ से चलाते है, जहाँ $dL$ पिस्टन का अतिसूक्ष्म (infinitesimal) विस्थापन है। निम्नलिखित कथनों में से कौनसा/कौनसे सही है( हैं) ?

$(1)$ कण के पिस्टन से टकराने की दर $v/L$ है।

$(2)$ पिस्टन से प्रत्येक संघट्ट के बाद कण की गति $2 V$ से बढ़ जाती है।

$(3)$ जब पिस्टन $L _0$ से $\frac{1}{2} L _0$ तक जाता है तब कण की गतिज ऊर्जा $4$ गुना अधिक हो जाती है।

$(4)$ यदि पिस्टन अंदर की तरफ $dL$ दूरी चलता है तब कण की गति $2 v \frac{ dL }{ L }$ से बढ़ जाती है।

  • [IIT 2019]

$M$ द्रव्यमान का एक चिकना गोला $u$ वेग से एक अन्य स्थिर तथा m द्रव्यमान के गोले को सीधी प्रत्यास्थ  टक्कर मारता है। संघट्ट के पश्चात् उनके अन्तिम वेग क्रमश: $V$ तथा $v$ हैं। $v$ का मान है

${m_1}$ द्रव्यमान की एक वस्तु $3m{s^{ - 1}}$ के वेग से गति करते हुये विराम में स्थित अन्य ${m_2}$द्रव्यमान की वस्तु से टकराती है। संघट्ट के पश्चात् ${m_1}$ की गति की दिशा में इनके वेग क्रमश: $2m{s^{ - 1}}$ व $5\,m{s^{ - 1}}$ है। तो  $ \frac{m_1}{m_2}= $