अकार्बनिक बेंजीन है
${B_3}{H_3}{N_3}$
$B{H_3}N{H_3}$
${B_3}{H_6}{N_3}$
${H_3}{B_3}{N_6}$
हूप की विधि किस धातु के शुद्धिकरण के लिए उपयोगी है
डाइबोरेन के लिए नीचे कथन दिए है
$(a)$ $I _{2}$ के साथ $NaBH _{4}$ के ऑक्सीकरण द्वारा डाइबोरेन का विरचन करते है।
$(b)$ प्रत्येक बोरोन परमाणु का संकरण $Sp ^{2}$ है।
$(c)$ डाइबोरेन में एक सेतुबंध त्रिकेन्द्रीय-द्विइलेक्ट्रॉन आबंध होता है।
$(d)$ डाइबोरेन एक समतलीय अणु है।
नीचे दिए गये विकल्पों में से जिनमें कथन सही है/हैं वह है $-$
${B_2}{O_3} + C + C{l_2} \to A + CO.$ इस अभिक्रिया में $A$ है
$BF _{3}$ में तथा $BF _{4}^{-}$ में बंध लंबाई क्रमश: $130 \,pm$ तथा $143\, pm$ होने के कारण बताइए।
सामान्य फिटकरी है