आयताकार निर्देशांक पद्धति में किसी कण की स्थिति $(3, 2, 5)$ है। इसका स्थिति सदिश होगा
$3\hat i + 5\hat j + 2\hat k$
$3\hat i + 2\hat j + 5\hat k$
$5\hat i + 3\hat j + 2\hat k$
उपरोक्त में से कोई नहीं
सदिश $A = \hat i + \hat j$ द्वारा $x-$ अक्ष के साथ बनाया गया कोण ....... $^o$ होगा
एक कण मूलबिंदु से चलकर $X-Y$ तल में सरल रेखा में गति करता है |कुछ समय पश्चात इसके निर्देशांक $(\sqrt 3 ,3)$ हो जाते है| कण के पथ का $X-$ अक्ष के साथ कोण बनेगा
कार्तीय निर्देशांक पद्धति में तीन सदिश निम्न प्रकार प्रदर्शित हैं
$\mathop a\limits^ \to = 4\hat i - \hat j$, $\mathop b\limits^ \to = - 3\hat i + 2\hat j$ तथा $\mathop c\limits^ \to = - \hat k$
जहाँ $\hat i,\,\hat j,\,\hat k$ क्रमश: $X, Y$ और $Z-$ अक्ष के सापेक्ष इकाई सदिश है। इन सदिशों के संयोग के अनुदिश इकाई सदिश $\hat r$ है
सदिश $\mathop A\limits^ \to = 5\hat i - 12\hat j,$ की दिशा में इकाई सदिश होगा
जब $50\, N, 30 \,N$ व $15 \,N $ के तीन बल एक वस्तु पर कार्य करते हैं तो वस्तु होगी