कणों के किसी निकाय की गति को इसके द्रव्यमान केन्द्र की गति और द्रव्यमान केन्द्र के परित: गति में अलग-अलग करके विचार करना। दर्शाइये कि-
$(a)$ $p = p _{i}^{\prime}+m_{i} V$, जहाँ ( $m_i$, द्रव्यमान वाले) $i-$ वें कण का संवेग है, और $p _{i}^{\prime}=m_{i} v _{i}^{\prime} \mid$ ध्यान द्द कि $v_i^{\prime} $, द्रव्यमान केन्द्र के
सापेक्ष $i-$ वें कण का वेग है। द्रव्यमान केन्द्र की परिभाषा का उपयोग करके यह भी सिद्ध कीजिए कि $\sum p _{i}^{\prime}=0$
$(b)$ $K=K^{\prime}+1 / 2 M V^{2}$
$K$ कणों के निकाय की कुल गतिज ऊर्जा, $K ^{\prime}=$ निकाय की कुल गतिज ऊर्जा जबकि कणों की गतिज ऊर्जा द्रव्यमान केन्द्र के सापेक्ष ली जाय। $M V^{2} / 2$ संपूर्ण निकाय के (अर्थात् निकाय के द्रव्यमान केन्द्र के ) स्थानान्तरण की गतिज ऊर्जा है। इस परिणाम का उपयोग भाग में किया गया है।
$(c)$ $L = L ^{\prime}+ R \times M V$
जहाँ $L ^{\prime}=\sum r _{i}^{\prime} \times p _{i}^{\prime}$ द्रव्यमान के परित: निकाय का कोणीय संवेग है जिसकी गणना में वेग द्रव्यमान केन्द्र के सापेक्ष मापे गये हैं। याद कीजिए $r _{t}^{\prime}= r _{t}- R$; शेष सभी चिह्न अध्याय में प्रयुक्त विभिन्न राशियों के मानक चिह्न हैं। ध्यान दें कि $L$ ' द्रव्यमान केन्र के परितः निकाय का कोणीय संवेग एवं $M R \times V$ इसके द्रव्यमान केन्द्र का कोणीय संवेग है।
$(d)$ $\frac{d L ^{\prime}}{d t}=\sum r _{t}^{\prime} \times \frac{d p ^{\prime}}{d t}$
यह भी दर्शाइये कि $\frac{d L ^{\prime}}{d t}=\tau_{e x t}^{\prime}$
(जहाँ $\tau_{\text {ext }}^{\prime}$ द्रव्यमान केन्द्र के परित: निकाय पर लगने वाले सभी बाहय बल आघूर्ण हैं।) [ संकेत : द्रव्यमान केन्द्र की परिभाषा एवं न्यूटन के गति के तृतीय नियम का उपयोग कीजिए। यह मान लीजिए कि किन्ही दो कणों के बीच के आन्तरिक बल उनको मिलाने वाली रेखा के अनुदिश कार्य करते हैं।]
$(a)$Take a system of $i$ moving particles.
Mass of the $i^{th}$ particle $=m_{i}$
Velocity of the $i^{\text {th}}$ particle $= v _{i}$
Hence, momentum of the $i^{\text {th}}$ particle, $p _{i}=m_{i} v _{i}$
Velocity of the centre of mass $= V$
The velocity of the $i^{\text {th }}$ particle with respect to the centre of mass of the system is given
as: $v ^{\prime}_{i}= v _{i}- V \ldots(1)$
Multiplying $m_{i}$ throughout equation $(1)$, we get:
$m_{i} v ^{\prime}_{i}=m_{i} v _{i}-m_{i} V$
$p ^{\prime}_{i}= p _{i}-m_{i} V$
Where,
$p _{i}^{\prime}=m_{i} v _{i}^{\prime}=$ Momentum of the $i^{\text {th }}$ particle with respect to the centre of mass of the
system $: p _{i}= p ^{\prime} i+m_{i} V$
We have the relation: $p ^{\prime} i=m_{i} v _{i}$
Taking the summation of momentum of all the particles with respect to the centre of mass of the system, we get:
$\sum_{i} p _{i}^{\prime}=\sum_{i} m_{i} v _{i}^{\prime}=\sum_{i} m_{i} \frac{d r _{i}^{\prime}}{d t}$
Where,
$r ^{\prime}=$ Position vector of $i$ th particle with respect to the centre of mass $v _{t}^{\prime}=\frac{d r ^{\prime}}{d t}$
As per the definition of the centre of mass, we have:
$\sum m_{i} r _{i}^{\prime}=0$
$\therefore \sum \limits _{i} m_{i} \frac{d r ^{\prime}}{d t}=0$
$\sum \limits _{i} p _{i}^{\prime}=0$
We have the relation for velocity of the $i^{\text {th }}$ particle as:
$v _{i}= v ^{\prime} i+ V$
$\sum_{i} m_{i} v _{i}=\sum_{i} m_{i} v _{i}^{\prime}+\sum_{i} m_{i} V$
Taking the dot product of equation (2) with itself, we get:
$\sum_{i} m_{i} v _{i}, \sum_{i} m_{i} v _{i}=\sum_{i} m_{i}\left( v _{i}^{\prime}+ v \right) \cdot \sum_{i} m_{i}\left( v _{i}^{\prime}+ v \right)$
$M^{2} \sum_{i} v_{i}^{2}=M^{2} \sum_{i} v_{i}^{2}+M^{2} \sum_{i} v _{i} v _{i}^{\prime}+M^{2} \sum_{i} v _{i}^{\prime} v _{i}+M^{2} V^{2}$
Here, for the centre of mass of the system of particles,
$\sum\limits_{i} v _{i} v ^{\prime}_i=-\sum\limits_{i} v _{i}^{\prime} v _{i}$
$M^{2} \sum_{i} v_{i}^{2}=M^{2} \sum_{i} v_{i}^{2}+M^{2} V^{2}$
$\frac{1}{2} M \sum_{i} v_{i}^{2}=\frac{1}{2} M \sum_{i} v_{i}^{\prime 2}+\frac{1}{2} M V^{2}$
$K=K^{\prime}+\frac{1}{2} M V^{2}$
Where,
$K= \frac{1}{2} M \sum_{i} v_{i}^{2}=$ Total kinetic energy of the system of particles
$K= \frac{1}{2} M \sum_{i} v_{i}^{\prime \prime 2}=$ Total kinetic energy of the system of particles with respect to the centre of mass
$\frac{1}{2} M V^{2}$
- Kinetic energy of the translation of the system as a whole
Position vector of the $i^{\text {th }}$ particle with respect to origin $= r _{i}$
Position vector of the $i$ "particle with respect to the centre of mass $= r ^{\prime} i$
Position vector of the centre of mass with respect to the origin $= R$
It is given that: $r ^{\prime} i= r i$
$- R r _{i}= r _{i}+ R$ We
have from part (a), pi
$= p ^{\prime} i+m i V$
Taking the cross product of this relation by $r _{i},$ we get:
$\sum_{i} r _{i} \times p _{i}=\sum_{i} r _{i} \times p _{i}^{\prime}+\sum_{i} r _{i} \times m_{i} V$
$L =\sum\left( r _{i}^{\prime}+ R \right) \times p _{i}^{\prime}+\sum\left( r _{i}^{\prime}+ R \right) \times m_{i} V$
$=\sum_{i} r _{i}^{\prime} \times p _{i}^{\prime}+\sum_{i} R \times p _{i}^{\prime}+\sum_{i} r _{i}^{\prime} \times m_{i} V +\sum_{i} R \times m_{i} V$
$= L ^{\prime}+\sum_{i} R \times p _{i}^{\prime}+\sum_{i} r _{i}^{\prime} \times m_{i} V +\sum_{i} R \times m_{i} V$
Where,
$R \times \sum_{i} p _{i}^{\prime}=0$ and
$\left(\sum_{i} r _{i}^{\prime}\right) \times M V = 0$
$\sum_{t} m_{i}=M$
$\therefore L = L ^{\prime}+R \times M V$
We have the relation:
$L ^{\prime}=\sum r ^{\prime}, \times p ^{\prime}$
$\frac{d L ^{\prime}}{d t}=\frac{d}{d t}\left(\sum r ^{\prime} \times p ^{\prime}\right)$
$=\frac{d}{d t}\left(\sum_{t} r _{t}^{\prime}\right) \times p _{i}^{\prime}+\sum_{t} r _{t}^{\prime} \times \frac{d}{d t}\left( p _{i}^{\prime}\right)$
$=\frac{d}{d t}\left(\sum_{i} m_{i} r _{i}^{\prime}\right) \times v _{i}^{\prime}+\sum_{i} r _{i}^{\prime} \times \frac{d}{d t}\left( p _{i}^{\prime}\right)$
Where, $r ^{\prime}$, is the position vector with respect to the centre of mass of the system of particles. $\therefore \sum m_{i} r _{i}^{\prime}=0$
$\therefore \frac{d L ^{\prime}}{d t}=\sum_{t} r _{t}^{\prime} \times \frac{d}{d t}\left( p _{i}^{\prime}\right)$
We have the relation:
$\frac{d L ^{\prime}}{d t}=\sum_{i} r ^{\prime}, \times \frac{d}{d t}\left( p _{i}^{\prime}\right)$
$=\sum_{i} r ^{\prime}, \times m_{i} \frac{d}{d t}\left( v ^{\prime}\right)$
Where, $\frac{d}{d t}\left( v ^{\prime}\right)$ is the rate of change of velocity of the $i$ th particle
with respect ot the centre of mass of the system
Therefore, according to Newton's third law of motion, we can write:
$m_{i} \frac{d}{d t}\left( v _{i}^{\prime}\right)=$ Extrenal force acting on the $i$ th particle $=\sum_{i}\left(\tau_{i}^{\prime}\right)$
i.e., $\sum_{i} r ^{\prime}, \times m_{i} \frac{d}{d t}\left( v _{i}^{\prime}\right)=\tau_{ ea }^{\prime}=$ External torque acting on the system as a whole
$\therefore \frac{d L ^{\prime}}{d t}=\tau^{\prime}_{ext }$
गति $'v'$ से चलता हुआ एक न्यूट्रॉन एक स्थिर हाईड्रोजन परमाणु, जो अपनी आद्य-अवस्था में है, से सम्मुख टक्कर करता है। न्युट्रॉन की वह न्यूनतम गतिज ऊर्जा बतायें जिस के होने पर यह टक्कर अप्रत्यास्थ होगी
द्रव्यमान $M$ का एक पिण्ड $V$ चाल से चलते हुए $m$ द्रव्यमान के एक स्थिर पिंड से प्रत्यास्थ संघटन करता है। संघटन के वाद द्रव्यमान $M$ तथा $m$ की चाल क्रमशः $V^{\prime}$ तथा $v$ हो जाती है। सभी पिंडों की गति एक रेखीय है, तो
दो घर्षणरहित आनत पथ, जिनमें से एक की ढाल अधिक है और दूसरे की ढाल कम है, बिंदु $A$ पर मिलते हैं। बिंदु $A$ से प्रत्येक पथ पर एक-एक पत्थर को विरामावस्था से नीचे सरकाया जाता है (चित्र)। क्या ये पत्थर एक ही समय पर नीचे पहुंचेंगे ? क्या वे वहां एक ही चाल से पहुंचेंगे? व्याख्या कीजिए। यदि $\theta_{1}=30^{\circ}, \theta_{2}=60^{\circ}$ और $h=10\, m$ दिया है तो दोनों पत्थरों की चाल एवं उनके द्वारा नीचे पहुंचने में लिए गए समय क्या हैं ?
रेखीय सरल आवर्त गति कर रहे किसी कण का स्थितिज ऊर्जा फलन $V(x)=k x^{2} / 2$ है, जहां $k$ दोलक का बल नियतांक है । $k=0.5$ $N m ^{-1}$ के लिए $V(x)$ व $x$ के मध्य ग्राफ चित्र में दिखाया गया है। यह दिखाइए कि इस विभव के अंतर्गत गतिमान कुल $1 \,J$ ऊर्जा वाले कण को अवश्य ही 'वापिस आना' चाहिए जब यह $x=\pm 2 m$ पर पहुंचता है।
$10 \,kg$ द्रव्यमान की गेंद, $10 \sqrt{3} \,m / s$ के वेग से $x$-अक्ष के अनुदिश चलते हुए विराम में रखी $20\, kg$ की एक अन्य गेंद से संघट्ट करती है। संघट्ट के पश्चात् पहली गेंद विराम में आ जाती है तथा दूसरी गेंद दो समान टुकड़ों में टूट जाती है। एक टुकड़ा $y$-अक्ष के अनुदिश $10\, m / s$ की चाल से गति करना प्रारम्भ करता है जबकि दूसरा टुकड़ा $x$-अक्ष से $30^{\circ}$ कोण पर चलना प्रारम्भ करता है। $x$-अक्ष से $30^{\circ}$ के कोण पर गति करने वाली गेंद का वेग $x\,m / s$ है। संघट्ट के बाद टुकड़ों के विन्यास को नीचे चित्र में दिखाया गया है। यहाँ $x$ का मान निकटतम पूर्णांक में $......$ होगा।