दो समान द्रव्यमान की चमकीली गेंदें समान वेग से परस्पर लम्बवत् दिशा में गति कर रही है तथा टकराने के पश्चात् एक दूसरे से चिपक जाती है। यदि गेंदों का प्रारम्भिक वेग $45\sqrt 2 \,m{s^{ - 1}}$ हो, तो संयुक्त गेंद का वेग .................. $\mathrm{m} / \mathrm{s}^{-1}$ होगा

  • A

    $45\sqrt 2 $

  • B

    $45$

  • C

    $90$

  • D

    $22.5\sqrt 2 $

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$125000$ पाउण्ड के एक स्थिर टैंक से $ 25$ पाउण्ड द्रव्यमान का एक छोटा गोला (Shell) $1000$ फीट/सैकण्ड के वेग से दागा जाता है। टैंक निम्न वेग से  .............. $\mathrm{ft/sec}$ पीछे हटेगा

चित्र में दिखाए गये घर्षणरहित पथ $AOC$ पर $1 \,kg$ द्रव्यमान का एक कण बिन्दु $A$ (ऊँचाई $2$ मीटर) से विरामावस्था से शुरू होकर नीचे की ओर फिसलता है। बिन्दु $C$ पर पहुँचने के बाद यह पर प्रक्षेप्य (projectile) की तरह हवा में चलते रहता है। जब यह अपने उच्चतम बिन्दु $P$ (ऊँचाई $1$ मीटर) पर पहुँचेगा, तो इसकी गतिज ऊर्जा ( $J$ में) का मान होगा: (दिखाया गया चित्र सांकेतिक है; $g$ का मान $10 \,ms ^{-2}$ लें)

  • [JEE MAIN 2020]

किसी गेंद को $10$ मीटर की ऊँचाई से छोड़ा जाता है। गेंद रेत के अन्दर $1$ मीटर तक धंस कर रुक जाती है, तो

समान ताप पर दो गेंदें टकराती हैं। क्या संरक्षित रहता है

कोई व्यक्ति वजन कम करने के लिए $10\, kg$ द्रव्यमान को $0.5\, m$ की ऊंचाई तक $1000$ बार उठाता है। मान लीजिए कि प्रत्येक बार द्रव्यमान को नीचे लाने में खोई हुई ऊर्जा क्षयित हो जाती है। $(a)$ वह गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध कितना कार्य करता है ? $(b)$ यदि वसा $3.8 \times 10^{7} J$ ऊर्जा प्रति किलोग्राम आपूर्ति करता हो जो कि $20 \%$ दक्षता की दर से यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है तो वह कितनी वसा खर्च कर डालेगा ?