एक समान्तर-पट्ट संधारित्र की धारिता $12\,\mu \,F$ है। यदि प्लेटों के बीच की दूरी दोगुनी एवं इनका क्षेत्रफल आधा कर दिया जाये जो नई धारिता ........$\mu \,F$ होगी
$8$
$6$
$4$
$3$
एक धातु के गोले की धारिता $1\,\mu F$ हो, तो इसकी त्रिज्या लगभग होगी
समान त्रिज्या के पारे की आठ बूँदो पर समान आवेश है। इन्हें मिलाकर एक बड़ी बूँद बनायी गयाी है, तो प्रत्येक छोटी बूँद की तुलना में बडी बूँद की धारिता $.......$ गुना होगी
धारिता ${C_1}$ और ${C_2}$ के दो धातु के गोलों पर कुछ आवेश है। उनको सम्पर्क में रखकर फिर अलग कर दिया जाता है। उन पर अन्तिम आवेश ${Q_1}$ व ${Q_2}$ निम्नलिखित सम्बन्ध को संतुष्ट करेंगे
त्रिज्या $R_1$ वाले एक एकाकी चालक गोले की धारिता $n$ गुना हो जाती है, जब इसे $R _2$ त्रिज्या वाले, पृथ्वी से जुड़े हुए एक समकेन्द्रीय चालक गोले के अंदर रखा जाता है। उनकी त्रिज्याओं का अनुपात $\left(\frac{ R _2}{ R _1}\right)$ है:
एक संधारित्र की दो प्लेटों पर विभव क्रमश: $+10\,V$ एवं $-10\,V$ है। यदि एक प्लेट पर आवेश $40\,C$ है तो संधारित्र की धारिता .......$F$ होगी