आर्थोबोरिक अम्ल के लिए सही कथन है (हैं) :

$(A)$ यह स्वतः आयनन (ionization) के कारण दुर्बल अम्ल की तरह व्यवहार करता है।

$(B)$ इसके जलीय विलयन में एथिलीन ग्लाइकॉल डालने से अम्लीयता बढ़ती है।

$(C)$ हाइड्रोजन बन्ध के कारण यह त्रिविम (three dimensional) संरचना रखता है।

$(D)$ जल में यह दुर्बल विधुत-अपघट्य (electrolyte) है।

  • [IIT 2014]
  • A

    $(B,D)$

  • B

    $(B,C)$

  • C

    $(A,C)$

  • D

    $(A,D)$

Similar Questions

क्या होता है, जब बोरिक अम्ल को गरम किया जाता है ?

नीचे दो कथन दिए गए हैं :

कथन $I$ : बोरॉन अत्यधिक कठोर है जो इसके उच्च जालक ऊर्जा का इंगित करता है।

कथन $II$ : समूह के अन्य सदस्यों की तुलना में बोरॉन का गलनांक एवं क्वथनांक सर्वाधिक है। उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपर्युक्त उत्तर चुनें:

  • [JEE MAIN 2023]

बोरॉन ट्राइहैलाइडों की अम्लीय शक्तियों का क्रम है

डाईबोरेन में बोरेन का संकरण है

जब $Al$ को $KOH$ विलयन में मिलाते हैंं, तो