एकसमान पृष्ठ आवेश घनत्व $\sigma $ वाले चालक पृष्ठ के निकट वैद्युत क्षेत्र

  • A

    $\frac{\sigma }{{{\varepsilon _0}}}$ होता है और पृष्ठ के समान्तर होता है

  • B

    $\frac{{2\sigma }}{{{\varepsilon _0}}}$ होता है और पृृष्ठ के समान्तर होता है

  • C

    $\frac{\sigma }{{{\varepsilon _0}}}$ होता है और पृष्ठ के अभिलम्बवत् होता है

  • D

    $\frac{{2\sigma }}{{{\varepsilon _0}}}$ होता है और पृष्ठ के अभिलम्बवत् होता है

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चित्र में दर्शाए अनुसार एक धनात्मक आवेश $q$ को एक अनावेशित खोखले बेलनाकार चालक कोश (neutral hollow cylindrical conducting shell) के केंद्र पर रखा गया है । निम्नांकित में से कौन-सा चित्र बेलन की सतहों पर प्रेरित आवेशों को सही निरूपित करता है। (बेलन के किलारों के प्रभाव को अनदेखा कीजिए)

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चार धात्विक चालकों की निम्न आकृतियाँ हैं

$1.$     गोला                     $2.$    बेलन

$3.$     नाशपाती आकार     $3.$    तड़ित चालक

यदि इन्हें एक कुचालक आधार पर रखकर आवेशित किया जाये तो किस पर लम्बे समय तक आवेश रहेगा

$R$ एवं $2 R$ त्रिज्याओं वाले दो विलगित ठोस धात्विक गोलो को इस प्रकार आवेशित किया जाता है, कि दोनों का आवेश घनत्व $\sigma$ है। इसकें बाद गोलो को किसी पतले चालक तार द्वारा जोड़ा जाता है। माना बड़े गोले पर नया आवेश घनत्व $\sigma^{\prime}$ है, तो अनुपात $\frac{\sigma^{\prime}}{\sigma}$ होगा :

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