एक पतले तार $PQ$ के छोर $Q$ को अन्य पतले तार $RS$ के छोर $R$ पर टांका लगाकर (soldered) जोड़ा गया है। $10^{\circ} C$ पर दोनों तारों की लम्बाई $1 m$ है। अब इस निकाय के छोर $P$ तथा छोर $S$ को क्रमशः $10^{\circ} C$ तथा $400^{\circ} C$ पर स्थिर रखा जाता हैं। यह निकाय चारों ओर से ऊष्मारोधी है। यदि तार $PQ$ की ऊष्म चालक्ता तार $RS$ की ऊष्म चालक्ता से दुगुनी है तथा तार $PQ$ का रेखीय अष्मित वृद्धि गुणांक (coefficient of linear thermal expansion) $1.2 \times 10^{-5} K ^{-1}$ है, तब तार $PQ$ की लम्बाई में परिवर्तन का मान है
$0.78 \mathrm{~mm}$
$0.90 \mathrm{~mm}$
$1.56 \mathrm{~mm}$
$2.34 \mathrm{~mm}$
एक बेलनाकार छड़ के सिरों के ताप ${T_1}$ व ${T_2}$ हैं। ऊष्मा प्रवाह की दर ${Q_1}$ $cal/sec$ है। यदि छड़ की सभी रेखीय विमायें दोगुनी कर दी जाये, एवं ताप को नियत रखा जाये, तब ऊष्मा प्रवाह की दर ${Q_2}$ होगी
सर्ल विधि द्वारा धातु की ऊष्मा चालकता ज्ञात करने के प्रयोग में छड़ में अनुदिश ताप प्रवणता होती है
चित्रानुसार तापीय चालकता $K$ तथा $2\,K$ वाली दो प्लेटों $A$ तथा $B$ को एक संयुक्त प्लेट बनाने के लिये एकसाथ जोड़ा जाता है। प्लेटों की मोटाई क्रमश: $4.0\,cm$ तथा $2.5\,cm$ है तथा प्रत्येक प्लेट का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल $120\,cm ^2$ है। संयुक्त प्लेट की तुल्य तापीय चालकता $\left(1+\frac{5}{\alpha}\right)\,K$ है तो $\alpha$ का मान ज्ञात कीजिये।
पाँच सर्वसम छड़ों को चित्रानुसार जोड़ा गया है, बिन्दु $A$ व $C$ को क्रमश: $120^o C$ एवं $20^o C$ ताप पर रखा गया है। संन्धि $B$ का ताप ....... $^oC$ होगा
यदि दो समान मोटाइयों की तथा ${K_1}$ व ${K_2}$ ऊष्मा चालकताओं की धातु के प्लेटों को जोड़कर एक संयुक्त प्लेट बनाई जाये, तो इस प्लेट की तुल्य ऊष्मा चालकता होगी