दो परिपथों के बीच अन्योन्य प्रेरण गुणांक $0.09$ हेनरी है। यदि प्राथमिक कुण्डली में धारा $0.006$ सैकण्ड में $0$ से $20$ ऐम्पियर हो जाती है, तो द्वितीयक कुण्डली में प्रेरित वि. वा. बल का औसत मान .....वोल्ट होगा

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दो वृत्ताकार कुण्डलियों को चित्रानुसार तीन स्थितियों में व्यवस्थित किया जा सकता है। उनका अन्योन्य प्रेरकत्व होगा

  • [IIT 2001]

किसी ट्रांसफॉर्मर की प्राथमिक तथा द्वितीयक कुण्डली में अन्योन्य प्रेरकत्व $0.2$ हेनरी है। जब प्राथमिक कुण्डली में धारा $5$ ऐम्पियर/सैकण्ड की दर से बदलती है, तो द्वितीयक कुण्डली में उत्पé वि. वा. बल ......वोल्ट होगा

दो कुंडलियों का पारस्परिक प्रेरकत्व $0.002 \mathrm{H}$ है। प्रथम कुंडली में धारा $\mathrm{i}=\mathrm{i}_0 \sin \omega \mathrm{t}$ संबन्ध द्वारा परिवर्तित होती है, जहाँ $\mathrm{i}_0=5 \mathrm{~A}$ तथा $\omega=50 \pi \mathrm{rad} / \mathrm{s}$ है। द्वितीय कुंडली में वि.वा. बल का अधिकतम मान $\frac{\pi}{\alpha} \mathrm{V}$ है। $\alpha$ का मान __है।

  • [JEE MAIN 2024]

एक प्रेरण कुण्डली का अन्योन्य प्रेरकत्व $5\,H$ है। यदि प्राथमिक कुण्डली में ${10^{ - 3}}\,s$ में धारा $5\,A$ से घटकर शून्य हो जाती है। द्वितीयक कुण्डली में प्रेरित वि. वा. बल का मान .......$V$ होगा

यदि प्राथमिक कुण्डली में प्रवाहित $30 \,A$ की धारा $0.1$ सैकण्ड में शून्य कर दी जाती है तब द्वितीयक कुण्डली में प्रेरित वि. वा. बल $1.5$ वोल्ट है। कुण्डलियों के बीच अन्योन्य प्रेरण गुणांक का मान.......$H$ है