पास-पास रखे कुंडलियों के एक युग्म का अन्योन्य प्रेरकत्व $1.5\, H$ है। यदि एक कुंडली में $0.5\, s$ में धारा $0$ से $20\, A$ परिवर्तित हो, तो दूसरी कुंडली की फ्लक्स बंधता में कितना परिवर्तन होगा?
Mutual inductance of a pair of coils, $\mu=1.5\, H$
Initial current, $I_{1}=0 \, A$
Final current $I_{2}=20\, A$
Change in current, $d I=I_{2}-I_{1}=20-0=20.4$
Time taken for the change, $t=0.5\, s$
Induced $emf$, $e=\frac{d \phi}{d t}. . .(i)$
Where $d \phi$ is the change in the flux linkage with the coil. $Emf$ is related with mutual inductance as:
$e=\mu \frac{d I}{d t}...(i)$
Equating equations $(i)$ and $(ii),$ we get
$\frac{d \phi}{d t}=\mu \frac{d I}{d t}$ $d \phi=1.5 \times(20)$
$=30\, Wb$
Hence, the change in the flux linkage is $30 \,Wb$.
एक ' $R$ ' त्रिज्या वाले तार के एक छोटे वृत्ताकार पाश का भुजा $\mathrm{L}(\mathrm{L}>\mathrm{R})$ के तार के एक बड़े वर्गाकार पाश के अन्दर रखा गया है, इस व्यवस्था में अन्योन्य प्रेरकत्व ज्ञात कीजिए। दोनो पाश सह-तलीय तथा सकेन्द्रिय हैं।
प्रेरण कुण्डली किस सिद्धांत पर कार्य करती है
दो कुण्डलियाँ $'P'$ तथा $' Q '$ कुछ दूरी पर रखी हैं। जब कुण्डली $'P'$ में $3 \,A$ की धारा प्रवाहित होती है तो कुण्डली $'Q'$ से $10^{-3}\, Wb$ का चुम्बकीय फ्लक्स गुजरता है। $'Q'$ में कोई धारा नहीं है। जब ' $P$ ' में कोई धारा नहीं है तथा $'Q'$ से $2\, A$ धारा प्रवाहित होती है, तो $'P'$ से गुजरने वाला फ्लक्स होगा।
यदि प्राथमिक कुण्डली में बहने वाली $3.0$ ऐम्पियर धारा को $0.001$ सैकण्ड में शून्य कर दिया जाये, तो द्वितीयक कुण्डली में उत्पन्न प्रेरित वि. वा. बल $15000$ वोल्ट होता है। इन कुण्डलियों का अन्योन्य प्रेरण गुणांक.......हेनरी है
दो कुंडलियों का पारस्परिक प्रेरकत्व $0.002 \mathrm{H}$ है। प्रथम कुंडली में धारा $\mathrm{i}=\mathrm{i}_0 \sin \omega \mathrm{t}$ संबन्ध द्वारा परिवर्तित होती है, जहाँ $\mathrm{i}_0=5 \mathrm{~A}$ तथा $\omega=50 \pi \mathrm{rad} / \mathrm{s}$ है। द्वितीय कुंडली में वि.वा. बल का अधिकतम मान $\frac{\pi}{\alpha} \mathrm{V}$ है। $\alpha$ का मान __है।