दो भिन्न धातुओं $A$ तथा $B$ के आयताकार टुकड़ों की लम्बाई एवं अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल एकसमान हैं। इन्हें अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफलों को स्पर्श कराते हुए एक साथ रखा जाता है। $A$ टुकड़े के एक सिरे का ताप ${100^o}C$ और $B$ के दूसरे सिरे का ताप ${0^o}C$ रखा जाता है। यदि $A$ और $B$ के चालकता गुणांक $1 : 3$ के अनुपात में हैं, तो उनके अन्तरापृष्ठ जहाँ $A$ और $B$ स्पर्श करते हैं, का स्थाई अवस्था में ताप ....... $^oC$ होगा
$25$
$50$
$75$
$100$
दो धात्विक टुकड़े $M _1$ और $M _2$ (समान अनुप्रस्थकाट क्षेत्र वाले) चित्रानुसार जुड़े है। यदि $M _2$ की तापीय चालकता $K$ है तो $M _1$ की तापीय चालकता $.........K$ होगी : [स्थायी अवस्था ऊष्माचालन मानें।]
यदि चाँदी और ताँबे की ऊष्मा चालकता का अनुपात $10 : 9$ है, तो इंजन हौज के प्रयोग में इनकी छड़ों पर पिघले मोम की लम्बाइयों का अनुपात होगा
एक ही पदार्थ की चार एकसमान छड़ों को एक-दूसरे के सिरों के साथ इस तरह जोड़ दिया गया है कि एक वर्ग बन जाये। यदि वर्ग के एक विकर्ण के सिरों पर तापान्तर $100°C$ है, तो दूसरे विकर्ण के सिरों पर तापान्तर ........ $^oC$ होगा (जहाँ l प्रत्येक छड़ की लम्बाई हे।)
यदि ताँबे की एक छड़ का अर्द्धव्यास और लम्बाई दोनों को ही दुगुना कर दिया जाये, तब उसमें बहने वाली ऊष्मा की दर ....... गुना बढ़ जाती है
समान लम्बाई एवं समान अनुप्रस्थ काट वाली दो छड़ों को सिरों से जोड़ा गया है। इनकी तापीय चालकताएँ $5 : 3$ में है। यदि पहली छड़ के स्वतंत्र सिरे का ताप $100oC$ एवं दूसरी छड़ के स्वतंत्र सिरे का ताप $20oC$ हो, तब सन्धि स्थल का ताप ...... $^oC$ होगा