$200 \;W$ का सोडियम स्ट्रीट लैंप तरंगदैर्ध्य $0.6\;\mu m$ के पीले प्रकाश का उत्सर्जन करता है। यह मानते हुए कि यह विद्युत ऊर्जा को प्रकाश में परिवर्तित करने में $25\%$ दक्ष है, प्रति सेकंड उत्सर्जित पीले प्रकाश के फोटॉनों की संख्या है

  • [AIPMT 2012]
  • A

    $1.5 \times 10^{20}$

  • B

    $62 \times 10^{20}$

  • C

    $3 \times 10^{19}$

  • D

    $6 \times 10^{18}$

Similar Questions

यदि फोटॉन का वेग $c$ एवं आवृत्ति $v$ हो तो इसकी तरंगदैध्र्य होगी

  • [AIEEE 2002]

तीव्रता $6.4 \times 10^{-5} \,W / cm ^{2}$ वाले विधुत-चुम्बकीय विकिरण के एक किरणपुंज में तरंगदैर्ध्य $\lambda=310 \,nm$ हैं। यह किरण पुंज एक धातु (कार्य फलन $\varphi=2\, eV$ ) की सतह पर लम्बवत् $1 \,cm ^{2}$ क्षेत्रफल पर पड रहा है। यदि सतह पर पडने वाले $10^{3}$ फोटॉनों में से केवल एक फोटॉन एक इलैक्ट्रॉन को निष्कासित करता हो और $1 \,s$ में निष्कासित इलेक्ट्रॉनों की संख्या $10^{x}$ हो, तो $x$ का मान है।

$\left( hc =1240 \, eVnm , 1 \,eV =1.6 \times 10^{-19} \,J \right)$

  • [JEE MAIN 2020]

एक फोटॉन $1 \,km$ की ऊँचाई से पृथ्वी के गुरूत्वीय क्षेत्र में गिरता है। इसकी आवृत्ति में परिवर्तन की गणना करने लिए इसके द्रव्यमान को $h v / c^2$ लीजिये। आवृत्ति $v$ में भिन्नात्मक (fractional) परिवर्तन का सन्निकट मान क्या होगा ?

  • [KVPY 2019]

प्रकाश वैद्युत प्रभाव में

$A$. प्रकाश धारा, आपतित विकिरण की तीव्रता के अनुक्रमानुपाती होती है।

$B$. जिस अधिकतम गतिज ऊर्जा से प्रकाश इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं, वह आपतित प्रकाश की तीव्रता पर निर्भर करती है।

$C$. जिस अधिकतम गतिज ऊर्जा से प्रकाश इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं, वह आपतित प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर करता है।

$D$. प्रकाश इलेक्ट्रोंनों के उत्सर्जन के लिए आपतित विकिरण की एक न्यूनतम देहली तीव्रता आवश्यक होती है।

$E$. प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा,आपतित प्रकाश की आवृत्ति पर निर्भर नहीं करती। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:

  • [JEE MAIN 2023]

यदि फोटॉन का संवेग $ p$ है, तो उसकी आवृत्ति होगी

(जबकि $m$  फोटाॅन का विराम द्रव्यमान है)