प्रकाश विद्युत प्रभाव को निम्न के आधार पर समझा जा सकता है

  • A

    अध्यारोपण के सिद्धांत से

  • B

    प्रकाश के विद्युत चुम्बकीय तरंग सिद्धांत से

  • C

    सापेक्षता के विशिष्ट सिद्धांत से

  • D

    परमाणु के रैखिल वर्णक्रम से

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पृथ्वी के पृष्ठ पर पहुँचने वाला सूर्य-प्रकाश का ऊर्जा-अभिवाह ( फ्लक्स ) $1.388 \times 10^{3}$ $W / m ^{2}$ है। लगभग कितने फ़ोटॉन प्रति वर्ग मीटर प्रति सेकंड पृथ्वी पर आपतित होते हैं? यह मान लें कि सूर्य-प्रकाश में फ़ोटॉन का औसत तरंगदैर्घ्य $550\, nm$ है।

किसी प्रकाश पुंज में ${\gamma _1}$ आवृत्ति के ${n_1}$ फोटॉन हैं। समान ऊर्जा के एक अन्य पुंज में, ${\gamma _2}$ आवृत्ति के ${n_2}$ फोटॉन हों, तो सत्य सम्बन्ध है

एक इलेक्ट्रॉन की विराम द्रव्यमान ऊर्जा $0.51\  MeV$ है। यदि यह इलेक्ट्रॉन $0.8\  c$ वेग से गतिमान है (यहाँ $c$ निर्वात में प्रकाश की चाल है) तो इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा ................ $MeV$ होगी

निम्नतम अवस्था में विद्यमान एक हाइड्रोजन परमाणु एक फोटॉन को अवशोषित करता है जो इसे $n=4$ स्तर तक उत्तेजित कर देता है। फोटॉन की तरंग दैर्ध्य तथा आवृत्ति ज्ञात कीजिए।

एक विशिष्ट प्रयोग में प्रकाश-विध्यूत प्रभाव की अंतक वोल्टता $1.5 \,V$ है। उत्सर्जित प्रकाशिक इलेक्ट्रोंनों की उच्चतम गतिज ऊर्जा कितनी है?