एक गेंद को $30^\circ $उन्नयन कोण पर ${V_o}$ वेग से प्रक्षेपित किया जाता है। निम्न में से सत्य कथन छांटिये
प्रक्षेप्य पथ के उच्चतम बिन्दु पर गतिज ऊर्जा शून्य होगी
संवेग का ऊध्र्वाधर घटक संरक्षित रहता है
संवेग का क्षैतिज घटक संरक्षित रहता है
प्रक्षेप्य पथ के उच्चतम बिन्दु पर गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम होगी
एक लडका एक पत्थर को अधिकतम $10$ मी की ऊँचाई तक फेंक सकता है। लड़का उसी पत्थर को जिस अधिकतम क्षैतिंज दूरी तक फेंक सकेगा, वह है ....... मी.
एक m द्रव्यमान की गेंद को ऊध्र्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाता है तथा दूसरी $2m$ द्रव्यमान की गेंद को ऊध्र्वाधर से $\theta $ कोण पर प्रक्षेपित किया जाता है। दोनों गेंदें हवा में समान समय के लिए रहती हैं, तो गेंदों द्वारा प्राप्त ऊँचाईयों का अनुपात है
एक गेंद क्षैतिज तल से $\theta$ कोण पर $15\,ms ^{-1}$ की चाल से इस प्रकार प्रक्षेपित की जाती है कि इसके द्वारा तय की गई दूरी एवं अधिकतम ऊँचाई का मान समान है, तो ' $\tan\, \theta$ ' का मान होगा:
एक दिये हुये वेग के लिये, किसी प्रक्षेप्य की दो प्रक्षेपण कोणों पर क्षैतिज परास $R$ समान है। यदि इन दो स्थितियों में उड्डयन काल $t_1$ व $t_2$ है तब
कोई गोली क्षैतिज से $30^{\circ}$ के कोण पर दागी गई है और वह धरातल पर $3.0\, km$ दूर गिरती है । इसके प्रक्षेप्य के कोण का समायोजन करके क्या $5.0\, km$ दूर स्थित किसी लक्ष्य का भेद किया जा सकता है ? गोली की नालमुख चाल को नियत तथा वायु के प्रतिरोध को नगण्य मानिए |