किसी ' $l$ ' लम्बाई वाले, $30^{\circ}$ कोण पर झुके, घर्षणरहित आनत पर नीचे फिसलने में गुटके '$A$' को $2\,s$ का समय लगता है, जब निकाय को एकसमान वेग ' $v$ ' से ऊपर जा रहे लिफ्ट में रखा जाता है। यदि आनत कोण का मान बदलकर $45^{\circ}$ हो जाए तो गुटके को आनत पर नीचे फिसलने में लगा समय लगभग होगा $..........$
$2.66$
$0.83$
$1.68$
$0.70$
घर्षण रहित एक क्षैतिज टेबिल पर स्थित $M$ द्रव्यमान का पिण्ड $m$ द्रव्यमान की रस्सी द्वारा खींचा जा रहा है। यदि रस्सी के दूसरे सिरे पर बल का मान $P$ हो, तो रस्सी द्वारा पिण्ड पर आरोपित बल होगा
एक गुटका $B$ गुटके $A$ के ऊपर रखा है। गुटके $B$ का द्रव्यमान गुटके $A$ के द्रव्यमान से कम है। दोनों गुटकों के बीच घर्षण कार्य करता है, जबकि गुटके $A$ तथा तल के बीच घर्षण नगण्य है। एक क्षैतिज बल F जो समय t के साथ रैखिक रूप से बढ़ता है, गुटके $B$ पर लगाया जाता है। गुटकों $A$ व $B$ में उत्पन्न त्वरण क्रमश: ${a_A}$ एवं ${a_B}$ तथा समय $ t$ के बीच का, दिए गए ग्राफों में से सही ग्राफ है
दो गुटकों $A$ तथा $B$ के द्रव्यमान, क्रमश: $3\, m$ तथा $m$ हैं। ये आपस में एक द्रव्यमानहीन, अवितान्य डोरी से जुड़े हैं। इस पूरे निकाय को, आरेख में दर्शाये गये अनुसार एक द्रव्यमानरहित स्प्रिंग (कमानी) द्वारा लटकाया गया है। डोरी को काट देने के तुरन्त पश्चात् $A$ और $B$ के त्वरण के परिणाम होंगे क्रमश:
द्रव्यमान $m$ का एक ब्लॉक लकड़ी के नततल पर खिसकता है, जो आगे क्षेतिज सतह पर उत्क्रम दिशा में खिसकने लगता है। नततल के सापेक्ष ब्लॉक का त्वरण होता है। दिया है $m =8 \;kg , M =16 \;kg$ चित्र में दिखाये गये सभी तलों को घर्षण रहित मानिये।
तीन द्रव्यमान $M=100\,kg , m _1=10\,kg$ एवं $m _2=$ $20\,kg$ एक निकाय में चित्रानुसार व्यवस्थित हैं। सभी तल (पृष्ठ) घर्षणरहित हैं एवं रस्सी हल्की (भारहीन) एवं अप्रत्यास्थ है। घिरनी भी हल्की (भारहीन) एवं घर्षणरहित है। निकाय पर एक बल $F$ इस प्रकार आरोपित होता है कि द्रव्यमान $m _2, 2$ $ms ^{-2}$ के त्वरण से ऊपर की तरफ गति करता है। $F$ का मान $...........\,N$ होगा :(माना $g =10\,ms ^{-2}$ )