एक $m$ द्रव्यमान का गोलक $I_1$ लम्बाई की डोरी से लटका हुआ है। इसे एक वेग दिया जाता है जो कि ऊर्ध्वाधर तल में एक वृत्त पूरा कराने के लिए न्यूनतम् है। अपने उच्चतम् बिन्दु पर यह गोलक दूसरे $m$ द्रव्यमान के गोलक से प्रत्यास्थ संघटट् करता है। दूसरा गोलक $I_2$ लम्बाई की डोरी से लटका हुआ है तथा प्रारंभ में विरामावस्था पर है। दोनों डोरियों द्रव्यमान रहित व अवितान्य हैं यदि संघटट के बाद दूसरे गोलक को ऐसी गति प्राप्त होती हैं जो कि ऊर्ध्वाधर तल में पूर्ण वृत्त पूरा करने के लिए न्यूनतम है, तब $\frac{ I _1}{ I _2}$ का अनुपात है :

  • [IIT 2013]
  • A

    $4$

  • B

    $5$

  • C

    $6$

  • D

    $7$

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$10$ किग्रा द्रव्यमान की एक गेंद $10$ मी/सैकण्ड के वेग से गतिशील है। यह उसी दिशा में $4$ मी/सैकण्ड के वेग से गतिशील $5 \,kg$ द्रव्यमान की एक अन्य गेंद से टकराती है। यदि संघट्ट प्रत्यास्थ हो तो संघट्ट के पश्चात गेंदों के वेग क्रमश: होंगे

$m$ द्रव्यमान का एक कण, $3\, m$ द्रव्यमान के कण जो विराम में हैं, से प्रारंभिक वेग $u \hat{i}$ से प्रत्यास्थ संघट्ट करता है, तथा संघट्ट के पश्चात् $v \hat{j}$ वेग से गतिशील है, तो $v$ का मान होगा

  • [JEE MAIN 2020]

एक पिण्ड $\mathrm{H}$ ऊँचाई से मुक्त रूप से नीचे गिरना प्रारम्भ करता है तथा एक आनत तल से $\mathrm{h}$ ऊँचाई पर टकराता है। इस पूर्ण प्रत्यास्थ संघट्ट के परिणाम स्वरूप पिण्ड के वेग की दिशा क्षेतिज हो जाती है। $\frac{\mathrm{H}}{\mathrm{h}}$ का मान. . . . . . . .है जिसके लिए पिण्ड को पृथ्वी तल तक पहुँचने में लगा समय अधिकतम होगा।

  • [JEE MAIN 2024]

समान द्रव्यमान $40 \,kg$ की दो वस्तुयें विपरीत दिशाओं में गतिमान है एक का वेग $10$$m/s$ तथा दूसरी का $7\,m/s$ है। यदि वे प्रत्यास्थ रूप से टकराने के पश्चात् संयुक्त होकर गति करें तो, इस संयोजन का वेग ........... मी/सैकण्ड होगा

एक धातु की गेंद $32$ मीटर की ऊँचाई से गिरकर स्टील की प्लेट से टकराती है। यदि प्रत्यावस्थान गुणांक (निष्कृति गुणांक) का मान $0.5$ हो तब दूसरी संघट्ट के पश्चात् गेंद ............ $m$ ऊँचाई तक उठेगी