एक $30^{\circ} C$ के द्रव को एक ऊष्मामापी (calorimeter), जिसका तापमान $110^{\circ} C$, में धीरे-धीरे डाला जाता है। द्रव का क्वथनांक (boiling temperature) $80^{\circ} C$ है। ऐसा पाया गया कि द्रव का पहला $5 gm$ पूर्ण रूप से वाष्पित हो जाता है। इसके बद द्रव की $80 gm$ और मात्रा डालने पर साम्यावस्था का तापमान $50^{\circ} C$ हो जाता है। द्रव की गुप्त (latent) और विशिष्ट (specific) ऊष्माओं का अनुपात . . . . .${ }^{\circ} C$ होगा। [वातावरण के साथ ऊष्मा स्थानान्तरण को उपेक्षणीय माने]
$260$
$250$
$270$
$280$
$0°C$ पर स्थित $50\, gm$ बर्फ एक कुचालक पात्र में रखी है। इसमें $100°C$ वाले $50\,gm$ जल को मिलाया जाता है। तब मिश्रण का अन्तिम ताप होगा (ऊष्मा क्षय नगण्य है)
$100°C$ ताप पर स्थित $1$ ग्राम भाप $0°C$ पर स्थित बर्फ की ....... $gm$ मात्रा पिघलायेगी $($बर्फ की गुप्त ऊष्मा $= 80 \,cal/gm$ एवं भाप की गुप्त ऊष्मा $= 540\, cal/gm)$
थर्मोकोल का बना 'हिम बॉक्स ' विशेषकर गर्मियों में कम मात्रा के पके भोजन के भंडारण का सस्ता तथा दक्ष साधन है। $30\, cm$ भुजा के किसी हिम बॉक्स की मोटाई $5.0\, cm$ है। यदि इस बॉक्स में $4.0\, kg$ हिम रखा है तो $6\, h$ के पश्चात् बचे हिम की मात्रा का आकलन कीजिए। बाहरी ताप $45^{\circ} C$ है तथा थर्मोकोल की ऊष्मा चालकता $0.01\, J s ^{-1}\, m ^{-1}\, K ^{-1}$ है। ( हिम की संगलन ऊष्मा $=335 \times 10^{3}\;J kg ^{-1} $
$100°C$ ताप वाली भाप को, $0.02\, kg$ जल तुल्यांक वाले कैलोरी मीटर मे $15°C$ ताप पर भरे $1.1\, kg$ जल मे प्रवाहित किया जाता है। परिणाम स्वरूप कैलोरी मीटर एवं जल का ताप $80°C$ हो जाता है तब भाप का संघनित द्रव्यमान $kg$ में है
$50\, g$ ताँबे को गर्म करने पर इसका तापक्रम $10°C$ बढ़ जाता है, यदि समान परिमाण की ऊष्मा $10\, g$ पानी को दी जाये तो इसके तापक्रम में वृद्धि ........ $^oC$ होगी (ताँबे की विशिष्ट ऊष्मा $= 420 Joule-kg^{-1} {°C^{-1}}$)