$120$ लिटर क्षमता वाला पानी का एक कूलर समान दर $P$ watts से पानी को ठंडा कर सकता है। एक बंद परिसंचारण में (जैसा व्यवस्था चित्र में दर्शाया गया है) कूलर के पानी से एक बाहरी यंत्र को ठंडा किया जाता है जो हमेशा $3 kW$ ऊष्मा उत्पन्न करता है। यंत्र को दिया गया पानी का तापमान $30^{\circ} C$ से ज्यादा नहीं हो सकता एवं पूरा 1$20$ लिटर पानी प्रारम्भ में $10^{\circ} C$ तक ठंडा किया गया है। पूरा निकाय तापरोधी है। इस यंत्र को तीन घंटे तक चालू रखने के लिए कम से कम कितनी शक्ति $P$ (watts में) की जरूरत है? (पानी की विशिष्ट ऊष्मा $=4.2 kJ kg ^{-1} K ^{-1}$ और पानी का घनत्व $=1000 kg m ^{-3}$ )
$1600$
$2067$
$2533$
$3933$
$120\,g$ द्रव्यमान एवं $0^{\circ}\,C$ तापमान का एक बर्फ का टुकडा $300 gm$ द्रव्यमान एवं $25^{\circ}\,C$ तापमान के पानी में रखा जाता है। जब तक पानी का तापमान $0^{\circ}\,C$ तक पहुँचता है, तो बर्फ के टुकडे का $xg$ द्रव्यमान पिघलता है। $x$ का मान होगा।
[पानी की विशिष्टि ऊष्माधारिता $=4200\,Jkg ^{-1} K ^{-1}$, बर्फ की गुप्त ऊष्मा $\left.=3.5 \times 10^5\,Jkg ^{-1}\right]$
जल की विशिष्ट ऊष्मा $=4200 \,J kg ^{-1} K ^{-1}$ तथा बर्फ की गुप्त ऊष्मा $=3.4 \times 10^{5} \,J kg ^{-1}$ होती है। $0^{\circ} C$ वाली $100 \,g$ बर्फ को $25^{\circ} C$ वाले $200\, g$ जल में डाला जाता है। जल का तापमान $0^{\circ} C$ पर पहुँचने पर बर्फ की लगभग कितनी मात्रा ( $gm$ में) पिघल जायेगी ?
$100 \,g$ द्रव्यमान तथा $100^{\circ} C$ तापमान वाले द्रव $A$ को $50\, g$ द्रव्यमान तथा $75^{\circ} C$ तापमान वाले दूसरे द्रव B के साथ मिलाते हैं तो मिश्रण का तापमान $90^{\circ} C$ हो जाता है। यदि $100 \,g$ द्रव्यमान तथा $100^{\circ} C$ तापमान वाले द्रव $A$ को $50 \,g$ द्रव्यमान तथा $50^{\circ} C$ तापमान वाले द्रव $B$ के साथ मिलाये तो मिश्रण का तापमान होगा ......$^oC$।
$2000 \mathrm{~W}$ शक्ति वाले गीजर का प्रयोग पानी को गर्म करने के लिए किया जाता है। पानी की विशिष्ट ऊष्मा धारिता $4200 \mathrm{~J} \mathrm{~kg}^{-1} \mathrm{~K}^{-1}$ है। गीजर की दक्षता $70 \%$ है। $2 \mathrm{~kg}$ पानी का तापमान $10^{\circ} \mathrm{C}$ से $60^{\circ} \mathrm{C}$ तक करने के लिए आवश्यक समय ________________ सैकण्ड है। (माना पानी के विशिष्ट ऊष्मा धारिता, पानी के तापमान परास के दौरान नियत रहती है।)
किसी प्रयोग में किसी ऊष्मक (हीटर) द्वारा एकसमान दर पर ऊष्मा देने पर, एक पात्र में रखे जल का ताप $0^{\circ} C$ से $100^{\circ} C$ तक बढ़ाने के लिये $10$ मिनट का समय लगता है। इसी द्रव को पूर्णतः वाष्प में रूपान्तरित करने में $55$ मिनट और लगते हैं। पात्र की विशिष्ट ऊष्मा को नगण्य तथा जल की विशिष्ट ऊष्मा को $1 \; cal / g ^{\circ} C$ लेते हुए, इस प्रयोग के अनुसार वाष्पन की ऊष्मा का मान होगा :