$4\, kg$ का कोई गुटका एक क्षैतिज समतल पर रखा है (चित्र)। समतल को धीरे-धीरे तब तक आनत किया जाता है जब तक क्षेतिज से किसी कोण $\theta=15^{\circ}$ पर वह गुटका सरकना आरंभ नहीं कर देता । पृष्ठ और गुटके के बीच स्थेतिक घर्षण गुणांक क्या है ?
Answer The forces acting on a block of mass $m$ at rest on an inclined plane are $(i)$ the weight mg acting vertically downwards $(ii)$ the normal force $N$ of the plane on the block, and $(iii)$ the static frictional force $f_{ s }$ opposing the impending motion. In equilibrium, the resultant of these forces must be zero. Resolving the weight $m g$ along the two directions shown, we have
$m g \sin \theta=f_{s}, \quad m g \cos \theta=N$
As $\theta$ increases, the self-adjusting frictional force
$f_{ s }$ increases until at $\theta=\theta_{\max ^{\prime}} f_{ s }$ achieves its
maximum value, $\left(f_{s}\right)_{\max }=\mu_{s} N$
Therefore.
$\tan \theta_{\max }=\mu_{s}$ or $\theta_{\max }=\tan ^{-1} \mu_{s}$
When $\theta$ becomes Just a little more than $\theta_{\max }$. there is a small net force on the block and it begins to slide. Note that $\theta_{\max }$ depends only on
$\mu_{ s }$ and $1 s$ independent of the mass of the block.
For $\quad \theta_{\max }=15^{\circ}$
$\mu_{s}=\tan 15^{\circ}$
$=0.27$
$10$ किग्रा का एक पिण्ड खुरदरे क्षैतिज तल पर फिसल रहा है। घर्षण गुणांक का मान $1/\sqrt 3 $ है। क्षैतिज के साथ $30^o $ के कोण पर लगने वाले न्यूनतम बल का मान ...... $N$ होगा, यदि $g = 10$ मी/सै$^2$ हो
$5$ किग्रा का एक पिण्ड घर्षणयुक्त क्षैतिज सतह पर विरामावस्था में रखा है। जब इस पर $24$ न्यूटन का बल तथा नगण्य आवेग लगाया जाता है तब इसका त्वरण ........ $m/s^2$ होगा (यदि गतिज घर्षण गुणांक $ = 0.4$ तथा $g = 9.8$ मी/सै ${^2}$)
यदि गुटके $A$ का द्रव्यमान $ = 10\,\,kg$, स्थैतिक घर्षण गुणांक $= 0.2$, गतिक घर्षण गुणांक $= 0.2$ हो, तो गति प्रारम्भ करने के लिए गुटके $B$ का द्रव्यमान होगा
$2 \,kg$ द्रव्यमान का एक गुटका क्षैतिज तल पर रखा है। स्थैतिक घर्षण गुणांक $0.4$ है। यदि $2.5\,\,N$ का एक बल $F$ चित्रानुसार गुटके पर लगाया जाए तो तल व गुटके के मध्य घर्षण बल ........ $N$ होगा
निम्न में से कौनसी विधि द्वारा घर्षण बल को न्यूनतम किया जा सकता है