द्रव्यमान $m$ का एक कण $x$ अक्ष का आरंभिक वेग $u \hat{ i }$ से चल रहा है। यह द्रव्यमान $10\, m$ के विरामावस्था में रखे हुए एक कण से प्रत्यास्थ टक्कर करता है और तत्पश्चात यह अपनी आरंभिक गतिज ऊर्जा की आधी ऊर्जा से चलता है (चित्र देखें)। यदि $\sin \theta_{1}=\sqrt{ n } \sin \theta_{2}$ तो $n$ का मान है $....$।
$20$
$26$
$10$
$15$
कथन$-1 :$ एक ही दिशा में गतिशील दो कण एक पुर्णतया अप्रत्यास्थ संघट्ट में अपनी सम्पूर्ण उर्जा का ह्यस नहीं करते हैं।
कथन-$ 2 :$ सभी प्रकार के संघट्टों के लिए संवेग के संरक्षण का नियम वैद्य है।
$m$ द्रव्यमान की एक वस्तु विरामावस्था में है। समान द्रव्यमान की एक अन्य वस्तु $V$ वेग से गतिशील है, जो प्रथम स्थिर वस्तु के साथ प्रत्यक्ष प्रत्यास्थ संघट्ट करती है। संघट्ट के पश्चात् प्रथम वस्तु किस वेग से गति करेगी
$v$ वेग से गतिशील $10$ ग्राम की एक गोली स्थिर लोलक के गोलक से सम्मुख टकराती है तथा $100$ मी/से वेग से प्रतिक्षेप करती है। लोलक की लम्बाई $0.5$ मी तथा लोलक का द्रव्यमान $1$ किग्रा है। $v=......$ मी/से के न्यूनतम मान पर लोलक पूर्ण वत्त घूमता है। (मान लीजिए डोरी अवितान्य है तथा $g=10$ मी/से $^{2}$ है)
$6$ मी/सै की क्षैतिज चाल से गतिमान एक $m$ द्रव्यमान का कण, उसी दिशा में $4$ मीटर/सै की चाल से चल रहे $M$ द्रव्यमान के एक भारी कण से संघट्ट करता है। यदि $m < < M$ हो, तो संघट्ट के पश्चात् हल्के कण की चाल होगी, जबकि संघट्ट एकविमीय प्रत्यास्थ है
$M$ द्रव्यमान की कोई वस्तु $v$ वेग से $m$ द्रव्यमान $(M>>m)$ की एक स्थिर वस्तु से प्रत्यास्थ संघट्ट करती है। तब $m$ द्रव्यमान की वस्तु का वेग है